Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

लहुलुहान गणतंत्र और पठानोत्सव से बंधती उम्मीद

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 25, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
Saumitra Rayसौमित्र राय

अब बताइए कि ये गणतंत्र और देश का संविधान किनकी चौखट पर चाकरी कर रहा है ? दो भारत हैं – एक, जिसके हाथ में कानून का डंडा है, पीठ पर सत्ता का हाथ है और सिर पर देश की न्यायपालिका का वरदहस्त. कल यह भारत गणतंत्र दिवस मनाएगा. संविधान की दुहाई में कसीदे पढ़े जायेंगे. लेख भेजे जा चुके होंगे. प्रचार तंत्र भी फुल पेज के इश्तेहार भेज चुका होगा. लाठियां, छुरे, तलवार भांजने वाली भगवा ब्रिगेड भारत माता की जय के नारों के साथ तैयार होगी.

दूसरा भारत वह है, जो ‘वी द पीपल ऑफ इंडिया’ से शुरू होने वाले संविधान की प्रस्तावना को छाती से चिपकाए खड़ा है – लहूलुहान, पिसा हुआ, सताया, दबा–कुचला, शोषित, पीड़ित. वह एक ऐसे गणतंत्र की तरफ मुंह बाए चुपचाप खड़ा है, जिसके चारों खंभे धंस चुके हैं और वह भी उनकी ही छाती पर.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

कल जेएनयू की लाइट 3 घंटे तक इसलिए काटी गई क्योंकि बीबीसी की एक फिल्म से डरी सत्ता को डर था कि कहीं फिल्म देखकर युवा बगावत न कर दें. कल ही 2002 के गुजरात दंगों में 17 अल्पसंख्यकों की हत्या के 22 आरोपी बरी हो गए, क्योंकि कोर्ट को 21 साल बाद भी कोई सबूत नहीं मिला. लेकिन बलात्कार का दोषी एक बाबा बीते एक साल में चौथी बार परोल पर बाहर आकर तलवार से केक काटता दिखा.

एक और ढोंगी बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ है, लेकिन उसे वीवीआईपी की तरह रायपुर से पूरी सुरक्षा में उसके आश्रम लाया गया. मूर्ख जनता सड़कों पर बिछी रही. उधर, 30 दिन पहले जमानत पा चुके सिद्दीक कप्पन अभी भी जेल में हैं, क्योंकि सत्ता यही चाहती है. मोरबी का हत्यारा घड़ीसाज अब तक फरार है, क्योंकि यह सत्ता का गुजरात मॉडल है.

मीडिया के पास ऐसे बाबाओं के महिमामंडन की सुपारी है. इस्लामोफोबिया, मंदिर–मस्जिद, झूठ, दुष्प्रचार का ठेका है लेकिन इस कथित गणतंत्र में लोग नहीं हैं. वही लोग, जिन्हें वोट देकर भारत भाग्य विधाता चुनने का हक़ मिला हुआ है. फिर 26 जनवरी का मतलब क्या है ?

सुबह उठें और राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ पर रस्मी परेड को निहारें ! चौराहों पर तिरंगे के बीच राष्ट्रभक्ति के शोर को झेलें ! और आखिर में परिवार, दोस्तों के साथ लंच, डिनर, बड़ा पठान, छोटा पठान देखकर कुछ सेल्फी सोशल मीडिया में ठेल दें !अगले दिन सब–कुछ भूलकर फिर उसी अराजकता के तंत्र में खुद को खपाना शुरू कर दें ?

तंत्र पर भरोसा खो चुका दूसरा भारत गणतंत्र पर भी यकीन खो चुका है. 155 लाख करोड़ का कर्ज़दार यह देश हर व्यक्ति पर लखटकिया कर्ज़ की गठरी थमा चुका है. लेकिन अवाम तनिक भी उफ्फ न करे, इसके लिए आतंक का सहारा ही सत्ता का इकलौता विकल्प है, बाकी सारे जुमले हैं. पिछले 76 साल में भारत इस मुकाम पर आकर खड़ा हो चुका है कि देश में अघोषित इमरजेंसी है लेकिन अवाम को कोई फ़र्क नहीं पड़ता. फिर भी भारत गणतंत्र है तो यही सही ! मुबारक हो !!

देश में महीनों से दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों के तमाशे से भड़का गुस्सा आखिरकार पठान ने मोहब्बत में भुला ही दिया. गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले देश ‘पठानोत्सव’ में डूबा है. तरण आदर्श बता रहे हैं कि फिल्म की भयंकर डिमांड को देखते हुए 300 स्क्रीन्स का फौरन इंतजाम करना पड़ा.

माना जा रहा है कि दुनियाभर के 8000 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई. पठान कल तक 100 करोड़ से ज़्यादा का बिजनेस कर लेगी. वीकेंड तक करीब 250 करोड़. थिएटर में दर्शकों के डांस को बजरंगी और हिंदू पलटन के खिलाफ़ बगावत क्यों न माना जाए ?

ये देखना भी सुखद है कि बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर बंदिश के बावजूद लोग देख रहे हैं. इंदिरा के आपातकाल में भी लोग चोरी–छिपे खबरें ढूंढकर पढ़ ही लेते थे. अवाम का जागना गणतंत्र के लिए सुखद निशानी है. मैं नाउम्मीद नहीं हूं.

Read Also –

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

भारत में मजदूर वर्ग की दुर्दशा और भरोसेमंद नेतृत्व

Next Post

किसकी है जनवरी…

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

किसकी है जनवरी...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सबसे ज्यादा गैरजरुरी और जनविरोधी कामों में लगी हुई है सरकार

October 27, 2022

तीन राज्यों के चुनावों में भाजपा-कांग्रेस का वोट प्रतिशत

December 22, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

March 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

March 7, 2026

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.