Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग आभा का पन्ना

मुगलों का इतिहास हमेशा आपकी छाती पर मूंग दलेगा, चाहे जितना छुपा लो !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 4, 2023
in आभा का पन्ना
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
आभा शुक्ला

योगी सरकार ने एक सनक भरा निर्णय लिया है. यूपी के छात्र अब मुगलों का इतिहास नहीं पढ़ेंगे. यूपी में 12वीं में पढ़ाई जाने वाली इतिहास की किताब से मुगल चैप्टर हटा दिया गया है.

इसके अलावा 11वीं में इतिहास की किताब से भी इस्लाम का उदय, संस्कृतियों में टकराव और औद्योगिक क्रांति के पाठ हटा दिए गए हैं. इसके साथ ही नागरिक शास्त्र की किताब से अमेरिकी वर्चस्व और शीत युद्ध का पाठ भी हटा दिया गया है.

You might also like

सत्ता की सरपरस्ती में यूपी में खुला गैंगवार चल रहा है…

मेरा कानपुर कभी सांप्रदायिक नहीं था…

मणिपुर : क्या गारंटी है कि जिन 40 को सुरक्षा बलों ने मारा वो उग्रवादी थे…?

ये सिवाय सनक के और क्या है…? जबकि आप भी जानते हैं कि आप इतिहास को मिटा नहीं सकते. आप ताजमहल और लाल किले को ढहा नहीं सकते. जब राम मंदिर की शौर्य गाथा सुनाओगे तो क्या बताओगे कि बाबरी क्यों ढहाई…? बाबरी किसने बनवाई…? बाबर कौन था…?

राजनीति शास्त्र की किताबों से लोकतंत्र और विविधता जैसे अध्याय हटाकर आप लोकतंत्र को थोड़ी मिटा सकते हैं, न ही भारत की विविधता को समाप्त कर सकते हैं…

असल में मुझे पता है आप कुंठित हैं. आप अपनी हार का इतिहास छुपाना चाहते हैं, बजाय उससे सीख लेने के. पर आप भूल रहे हैं कि आईना देखना छोड़ देने से बदसूरत चेहरा खुबसूरत नहीं हो जाता. आप कितना भी प्रचार प्रसार कर लें पर नहीं खड़ा कर पाएंगे सावरकर को भगत सिंह के बराबर.

असल में हिंदूओं में एक अजीब चीज हमेशा से रही है, काले अतीत को चूने से पोत कर प्रस्तुत करने की. जो लोग अपने देश में अकाल मौत मरने वाले थे, जो अपने देश से हराकर, मार कर भगाए गए, वे यहां आकर बड़े बड़े साम्राज्य स्थापित करने में सफल हुये, आखिर क्यों ?

एक 17 साल का लड़का मुठ्ठी भर घुड़सवारों के साथ बंगाल को रौंद गया. तक्षशिला के राजा आम्भि ने सिकंदर के आगे हथियार डाले. शशिगुप्त, क्षुद्रकों आदि कई राजाओं ने सिकंदर के चरण पखारे. आपको तेलांगना का शासक प्रताप रुद्र देव द्वितीय याद है..? वही जिसने अलाउद्दीन खिलजी के भय के कारण अपनी एक सोने की प्रतिमा बनवाकर, उसके गले में जंजीर डलवाकर अलाउद्दीन को भेजी थी आत्मसमर्पण के लिए…? क्या भारतीय इतिहास में एक भी मुस्लिम शासक ने इतने घटिया तरीके से आत्मसमर्पण किया है क्या…?

भले ही आज व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की कृपा से हमें सिर्फ जयचंद का ही नाम मालूम हो और हर सेक्युलर का सम्मान हम जयचन्द की औलाद कह कर ही करते हों…

शक, कुषाण, हूण, मोहम्मद बिन् कासिम, डेमेट्रियस, ये सब जयचन्द से पहले का इतिहास रहा है. अपनी पराजयों का श्रेय कब तक एक जयचंद को देते रहोगे…? जब कि सदैव से आपकी पराजय का कारण आपका धर्म, रूढ़िवादिता और आपका अंधविश्वास रहा है.

एक कहानी बताती हूं. सन् 712 में जब सिंध के राजा दाहिर पर 18 साल के लड़के मोहम्मद बिन् कासिम ने आक्रमण किया तो कासिम की सेना के पैर उखड़ चुके थे. कासिम भागने को ही था कि उसको किसी ने बताया कि हिंदूओं का विश्वास है कि यदि मंदिर पर लगा वो झंडा गिर जाएगा तो वो हार जाएंगे. कासिम ने झंडे को गिरा दिया. झंडा गिरते ही दाहिर की सेना ने मैदान छोड़ दिया. सेना तितर बितर हो गई. राजा दाहिर का सिर काट दिया गया और गुलामी की नीव रख दी गई.

आज समय है आत्ममंथन करने का, इतिहास की गलतियों से सबक लेने का, इतिहास छुपाने का नहीं. मुंह मोड़ लेने से काम नहीं चलेगा. ये समझना होगा. बाकी इतिहास तो कभी नहीं मिटेगा. वो हमेशा आपकी छाती पर मूंग दलेगा. आप चाहें जितना भी छुपा लें उसको, असफल ही रहेंगे…! वैसे रामचरित मानस भी मुगल काल में लिखी गई थी, क्या उसको भी बैन करेंगे योगी जी ?

Read Also –

धारावाहिक ‘स्वराज’ : ग़लत इतिहास मिटाने के नाम पर ग़लत इतिहास बनाने का स्वर्णिम दौर
तहखाने ही लिखेंगे हमारा इतिहास
ये मूर्ख भी हैं और शैतान भी – पिछले आठ साल से इनका इतिहास दुर्गंध फैलाने का है
तहखाने ही लिखेंगे हमारा इतिहास
गुंडे इतिहास तय कर रहे हैं और भारत गौरवशाली महसूस कर रहा है
नाम में क्या रखा है ? नाम में इतिहास रखा है जनाब !

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

सांभा, तेरे दिमाग में तो भूसा भरा हुआ है !

Next Post

50 पुलिस वालों की मौजूदगी में घर लूटा और जलाया गया

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

आभा का पन्ना

सत्ता की सरपरस्ती में यूपी में खुला गैंगवार चल रहा है…

by ROHIT SHARMA
June 8, 2023
आभा का पन्ना

मेरा कानपुर कभी सांप्रदायिक नहीं था…

by ROHIT SHARMA
June 4, 2023
आभा का पन्ना

मणिपुर : क्या गारंटी है कि जिन 40 को सुरक्षा बलों ने मारा वो उग्रवादी थे…?

by ROHIT SHARMA
May 30, 2023
आभा का पन्ना

फिल्में देखकर तुम कितना सबक लेते हो…?

by ROHIT SHARMA
May 27, 2023
आभा का पन्ना

आज़म खान हेट स्पीच पर शिकायतकर्त्ता का डीएम पर आरोप

by ROHIT SHARMA
May 26, 2023
Next Post

50 पुलिस वालों की मौजूदगी में घर लूटा और जलाया गया

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

संघियों के लिए राष्ट्रपति पद जनाक्रोश को शांत करने का साधन

June 28, 2022

किसान आंदोलन के निरंतर शांतिपूर्ण विरोध के 8 महीने

July 25, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.