Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

झूठ और गप्प का पुलिंदा है धार्मिक ग्रंथ और उसकी पौराणिक कथाएं

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 10, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
राम अयोध्या सिंह

पौराणिक कथाओं में ऐसी-ऐसी कथाएं भरी हुई हैं कि सोचने पर दिमाग चकराने लगता है. अब सृष्टि के निर्माण की ही बात लीजिए. कहा गया है कि ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया. अब जरा सोचिए कि जिस सृष्टि का विस्तार ही अनंत है, उसे ब्रह्मा ने कैसे बना दिया ? ब्रह्मा कहां बैठे थे ? और ब्रह्मा के हाथ और पांव कितने बड़े-बड़े थे, जो इतनी बड़ी सृष्टि का निर्माण कर दिया ?

अब धरती के बारे में कहते हैं कि यह गाय के सिंग पर खड़ी है, और जब गाय धरती का भार एक सिंग से दूसरे सिंग पर बदलती है तो भूकंप होता है. अब यह गाय कितनी विशाल है और कितनी मजबूत है कि कि करोड़ों साल से यह धरती का बोझ अपने सिंग पर उठाये हुए है ? जब सिंग पर धरती है तो खाती कैसे होगी और पागुर कैसे करती होगी ? खाने और पागुर करने के समय तो सिर भी हिलता रहता है, तब उस समय धरती को कौन थामे रहता है ?

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

कभी कहते हैं कि धरती शेषनाग के फन पर खड़ी है. अब आप ही बतलाइये कि यह शेषनाग भी कहां रहता है और कितना विशाल है कि कि चुपचाप पड़े हुए धरती का भार उठाये हुए है ? सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि अंतरिक्ष में मनुष्य कहां से कहां तक चला गया. चांद, मंगल, शुक्र, वृहस्पति और शनि के भी चक्कर लगा लिए, पर आज तक न कहीं गाय दिखाई पड़ी, और न ही शेषनाग.

ब्रह्मा के तो ऐसे-ऐसे कारनामे हैं कि घिन्न आती है. अब आप ही सोचिये, यह ब्रह्मा कभी मुंह से आदमी पैदा करता है, कभी छाती या बांह से, कभी जंघा से, और कभी पांव से. इसका मतलब हुआ कि ब्रह्मा का पुरा शरीर ही गर्भाशय है, और अब अगर ऐसा ही है, तो फिर वीर्य किसका है, और कैसे डाला गया ? क्योंकि, बिना वीर्य के तो गर्भाशय में बच्चा पलेगा नहीं. मुझे तो लगता है कि ऐसी कल्पना करने वाले भी बड़े मूर्ख थे, जिन्होंने कल्पना भी की तो गलत.

अब आगे देखिये, एक कोई ऋषि हुए थे अगस्त. अब उनको ऐसा क्रोध आया कि अंजुली में मुंह लगाकर ही समुद्र सोख गये. शायद इसी को गागर में सागर कहते हैं. इतनी बेवकूफी भरी कल्पना तो कोई पागल ही कर सकता है. यहां सोचने की बात है कि अगस्त ऋषि कितने विशाल होंगे कि सागर का पूरा पानी ही पी गए, और वह भी खारा पानी !

एक से एक पागलपन भरी कल्पनाएं हैं. कोई मछली से पैदा हो रहा है, तो कोई हिरणी से, कोई घड़ा से, कोई पसीने से, किसी बच्चे के कटे सिर पर हाथी का सिर फिट कर दिया जाता है, कोई मोर की सवारी करता है, कोई शेर की, कोई गदहा की, कोई ऊल्लू की, कोई हंस की तो कोई चुहे की.

कोई स्त्री मंत्रोच्चारण के माध्यम से सुर्य को बुलाकर उससे संभोग कर बच्चा पैदा करती है, तो कभी धर्मराज से, कभी पवन से, और कभी इन्द्र से. कोई खीर खाकर गर्भवती हो जाती है, तो कोई अग्नि के हवन कुंड से. खुद गंगा भी स्त्री रूप धारण कर आठ बच्चों की मां बनती है. कोई मटके से एक साथ सौ बच्चे को जन्म देती है. कभी कोई पूरी धरती को अपने तीन डेग से ही नाप देता है, आखिर वह कितना ऊंचा होगा ?

ऐसी ही मनगढंत कथा-कहानियों से हमारे धर्मग्रंथ भरे पड़े हैं. इतना न झूठ बोला गया है कि लोग झूठ पर ही विश्वास करने लगे हैं. इसी झूठ के सहारे आज तक लोगों से मंदिरों में पत्थर पूजवाए जाते हैं, और उसके लिए पैसे भी लिए जाते हैं. यह सब कुछ लोगों को मानसिक रूप से विकृत करने और उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए मूर्ख और गुलाम बनाये रखने की साजिश है.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

अब समझ में आया हमारे पुरखों ने 70 साल इन ढोंगियों को सत्ता से बाहर क्यों रखा…?

Next Post

सबसे बड़ी अंतरात्मा की आवाज होती है….!

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

सबसे बड़ी अंतरात्मा की आवाज होती है....!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

बेनीटो मुसोलिनी का अंत बताता है कि तानाशाहों का अंत कैसा हो सकता है !

September 7, 2025

धीरूभाई अम्बानी : मैनेज सिस्टम, हैंडल ब्यूरोक्रेट्स, यूज़ द लूपहोल

February 15, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.