Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

राष्ट्रीय गौरव, राष्ट्र पर गर्व, सेना पर गर्व वगैरा फालतू और वाहियात बातें हैं…

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 12, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार

क्या आप जानते हैं राष्ट्रीय गौरव, राष्ट्र पर गर्व, सेना पर गर्व वगैरा फालतू और वाहियात बातें हैं. बजाय इसके कि आप अपने देशवासियों को प्यार करें, अपने पर्यावरण को बचाने की कोशिश करें, अपने देश की गरीबी, जातिवाद, अंधविश्वास, कट्टरता को दूर करने पर ध्यान दें. लेकिन आपके ऐसा करने से पूंजीपतियों का नुकसान होगा नेताओं का नुकसान होगा.

आपको यह सब करने से रोकने के लिए आपको एक फर्जी गर्व और पड़ोसी देश से नफरत करने के फालतू वाहियात काम में उलझा दिया जाता है. आप अपने देश की सेना पर गर्व करते हैं. पड़ोसी देश के लोग अपने देश की सेना पर गर्व करते हैं.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

अगर आपका सिपाही सियाचिन में माइनस डिग्री में खड़ा होकर देश की रक्षा करता है तो उनका सिपाही भी सियाचिन में माइनस टेंपरेचर में खड़ा होकर अपने देश की रक्षा करता है. सिपाही तो बेचारा गरीब घर का बच्चा है, तनखा के लिए आप उसे कहीं भी खड़ा कर दीजिए. वह राजस्थान की 52 डिग्री गर्मी में भी खड़ा रहेगा और ठंड में भी खड़ा रहेगा.

राजनीतिज्ञों के आदेश पर उधर का गरीब सैनिक इधर के गरीब सिपाही की हत्या कर देगा और इधर का गरीब उधर के गरीब सिपाही को गोली से उड़ा देगा. पड़ोसी देश के सिपाही के मरने पर आप फालतू के घमंड से भर जाएंगे जैसा कि आपको सिखाया गया है. हालांकि दूसरे देश के गरीब सिपाही के मरने से आपको कोई फायदा नहीं होने वाला, ना आपके देश के गरीब सिपाही के मरने से पड़ोसी देश के लोगों का कोई भला होने वाला.

आप अपनी महानता के गाने बनाते हैं, फिल्में बनाते हैं, पड़ोसी देश के लोग भी अपनी महानता के वही गाने बनाते हैं. आप उनको बुरा दिखाने वाली फिल्में बनाते हैं, वे भी वैसी ही फिल्में बनाते हैं जिसमें आपको खलनायक दिखाया जाता है. क्या आप जानते हैं कि जिस तरह भारत में गाना मशहूर है आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की…

ठीक उसी तरीके से पाकिस्तान ने भी सेम धुन पर गाना बनाया कि आओ बच्चों सैर कराएं तुमको पाकिस्तान की…

हमने महात्मा गांधी के लिए गाना बनाया – दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल…

https://youtu.be/SougWIWWZkk?si=SX1hJIK_TBK-LiSX

पाकिस्तान ने ठीक वैसा ही गाना जिन्ना के लिए बनाया – दे दी हमें आजादी की दुनिया हुई हैरान, ए कायदे आजम तेरा एहसान है एहसान…

आपने गाना बनाया हम लाए हैं तूफान से किश्ती निकाल के इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के…

उन्होंने भी गीत बनाया – बरसों के बाद फिर उड़े परचम हिलाल के…

दुनिया के सभी लोग एक जैसे हैं. सब के सुख दुख एक जैसे हैं लेकिन हमें दूसरों से नफरत करना सिखाया गया है, पड़ोसी देश से दूसरे धर्म वालों से. सोचिए इसमें किसका फायदा है ? क्या आपको आज तक इससे कोई फायदा मिला है ? आपके देश को कुछ फायदा हुआ ? या आपके धर्म को कुछ फायदा हुआ ?

जिस दिन भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश के नौजवान राजनीतिज्ञों के और हथियारों की खरीदी में कमीशन खाने वाले फौजी अफसरों के चंगुल से निकल जाएंगे, उस दिन दक्षिण एशिया के इस इलाके में लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के नौजवान मिलकर काम करेंगे. समझ जाओगे तो फायदे में रहोगे, वरना बेवकूफी में कई पीढ़ियां गुजर गई कुछ और गुजार दो.

Read Also –

पाकिस्तान के साथ संबंध : यह महानता का नहीं समानता का युग है
सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक : भारत-पाकिस्तान की आम आवाम

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

नक्सलबाड़ी से सन्देशखाली तक…

Next Post

यहां उजाले थे

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

यहां उजाले थे

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

गांधी से मोदी की तुलना हास्यास्पद ही नहीं, गांधी के लिए अपमानजनक भी है

August 31, 2022

आईये, अब हम फासीवाद के प्रहसन काल में प्रवेश करें

May 25, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.