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नौकरी का सवाल : मोदी का जुमला बनाम राहुल की गारंटी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 8, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
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नौकरी का सवाल : मोदी का जुमला बनाम राहुल की गारंटी
नौकरी का सवाल : मोदी का जुमला बनाम राहुल की गारंटी

युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वायदा करने वाले नरेन्द्र मोदी ने अपने 10 साल के कार्यकाल में नौकरी देना तो दूर की बात, रिक्त पदों को भी समाप्त कर दिया. नौकरी मांगने वाले युवाओं पर डंडे चलवाये, देशद्रोही कहा और करोड़ों युवाओं को बेरोजगारी के दलदल में धकेल दिया. अब जब कांग्रेस ‘नौकरी की गारंटी’ की बात अपने चुनावी घोषणा पत्र में कर रही है, तब जुमलेबाज नरेन्द्र मोदी कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कह रहा है कि कांग्रेस देश को बर्बाद कर देगा. सवाल उठता है कि युवाओं को नौकरी की गारंटी देने से देश कैसे बर्बाद हो जायेगा ? आप सोचते रहिये.

बहरहाल, प्रखर सिंह बताते हैं कि युवाओं के नब्ज़ को पकड़ लिया राहुल ने. आज राजस्थान में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कांग्रेस की तरफ से इंडिया गठबन्धन का मास्टरस्ट्रोक मेनिफेस्टो साझा किया. हर युवा का सपना होता है सरकारी नौकरी में जाने का. जिसके लिए मोदी गवर्मेंट ने सरकारी नौकरी की भर्तियों को टोटल बन्द कर रखा था. आंकड़ों की माने तो 30 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं इस देश में. राहुल का कहना था कि इंडिया गठबन्धन की अगर सरकार आई तो इन सारे के सारे 30 लाख सरकारी पदों पे नियुक्ति की जाएगी. ये उन्होंने गारंटी दी है अपनी राजस्थान की सभा में.

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सबसे बड़ी बात राहुल ने यह भी कहा कि डिप्लोमा/डिग्री धारक 25 वर्ष तक के टेक युवाओं को मनरेगा के तर्ज पर अप्रेंटिस का अधिकार देगी इंडिया गठबन्धन की सरकार, जिसमें अप्रेंटिस के दरमियान 1 लाख रुपये सालाना यानी 8500 रुपये प्रति माह का मानदेय उन्हें गारंटी के रूप में मिलना ही है. यह एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है. पढ़ाई खत्म करने वाले हर युवा का स्किल डेवोलपमेंट और उनकी पहली कमाई के तरफ.

राहुल ने कांग्रेस के मैनिफेस्टो में हर उस इमोशन को टच किया है जिससे देश मे युवा वर्ग परेशान व आहत है. पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी अभ्यर्थी दिन-रात मेहनत करते है और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं लेकिन जब परीक्षा की बारी आती है तो क्वेश्चन पेपर लीक होकर टेलीग्राम औऱ वाट्सप के माध्यम से इधर उधर घूमने लगते हैं दौलतवालों के कम्युनिटी में. असल में सारा सेटप जुगाड़ का होता है जो परीक्षा कराने वाली आउटसोर्सिंग कम्पनियां बनाती है.

राहुल का कहना है कि पेपर लीक को लेकर सख़्त कानून बनाएंगे और सरकार खुद परीक्षाएं कराएगी बजाय आउटसोर्सिंग कम्पनियों के. यहां पर जिसने भी गलती की पेपर लीक करने की तो उसे ऐसी सजा मिलेगी की दोबारा जुर्रत भी नहीं कर पाएगा वो इसके लिए.

ओला, उबर जैसी कम्पनियों से जुड़े ड्राइवर्स और स्विगी जोमैटो जैसी कम्पनियों के डिलीवरी ब्वॉय, जिन्हें आमतौर पर गिग वर्कर कहा जाता है. राहुल ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दरमियान इनकी व्यथा सुनी थी. इन गिग वर्कर का कहना था कि इन्हें कब निकाल दे कम्पनियां कोई भरोसा नहीं, साथ ही इनके अस्तित्व का हर कोई मामूली आंकलन करता है. राजस्थान की सभा में राहुल ने इन सभी गिग वर्कर के सामाजिक सुरक्षा का वायदा किया है. इनके पेंशन को लेकर कानून बनाने व समाज मे उनके नागरिक सुरक्षा का वायदा किया है.

एक तरफ मौजूदा पूंजीवादी सत्ता जहां इन गिग वर्कर्स के कम्पनी मालिकों से तालुकात रखती है, वहीं उन मालिको के गिग वर्कर्स के बारे में सोचने वाला इंसान, जरा सोचिए इमोशनली कितना सीरियस है उनकी जिंदगी के लिए. यह एक एप्रिसिएटिव कदम है. एक दिल का साफ इंसान ही इस लेवल पर सोच सकता है.

अपने मैनिफेस्टो भाषण के अंत में राहुल ने स्किल बेस पर बिजनेस करने वालों के लिए जबरदस्त ऐलान किया. अगर इंडिया गठबन्धन की सत्ता आती है तो वह समस्त देश भर के जिलों के लिए 5 से 10 हजार करोड़ रूपये फंड रिलीज करेगी. ये फंड 40 वर्ष तक के युवाओं के लिए उनके स्किल के हिसाब से उनके स्टार्टप को प्रमोट करने के लिए होगा.

यानी, अगर आपके भीतर किसी प्रोडक्ट या स्किल के साथ बिजनेस करने या स्टार्टप खड़ा करने का टैलेंट है तो इंडिया गठबन्धन की बनने वाली सरकार आपको आर्थिक रूप से सहयोग करेगी आपके बिजनेस में. यह योजना उन युवाओं के लिए है जो अपनी डिग्री और डिप्लोमा करने के बाद बीते 10 सालों की सत्ता में अपने उम्र का पायदान चढ़ चुके हैं और अब नौकरी न मिलने की वजह से छोटा मोटा स्टार्टप करने की जुगत कर रहे हैं.

जो अभ्यर्थी है उनके उनके लिए 30 लाख सरकारी नौकरी, अप्रेंटिस का अधिकार व पेपर लीक पे कानून की गारंटी है एवं जो थोड़ा कम पढ़े लिखे गिग वर्कर का काम कर रहे है उनके लिए पेंशन जैसे कानून लाकर सामाजिक सुरक्षा की गारंटी राहुल ने ली है व अंत में अपने उम्र की पायदान चढ़कर व्यवसाय के लिए संघर्ष करने वाले स्किलमन्द युवाओं को उनके स्टार्टप के लिए जिलावार कुल 5000 करोड़ के फंड के मदद का वायदा किया है राहुल गांधी ने.

एक बात आप गौर कीजिए ! राहुल का हर वायदा उन सभी युवा वर्ग के लिए है जो मोदी सत्ता के कार्यकाल में शोषण का शिकार हुआ है व जिसका अंतिम सार रोजगार है. खैर ! हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने वाले जुमलों को देख ही लिया है आपने, इस बार राहुल के रोजगार गारंटी पे भरोसा कर के देखिए.

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