Wednesday, July 29, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

‘घर-घर तिरंगा उखाड़ो’ वाले ‘घर-घर तिरंगा लगाओ’ कह रहे

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 14, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
'घर-घर तिरंगा उखाड़ो' वाले 'घर-घर तिरंगा लगाओ' कह रहे
‘घर-घर तिरंगा उखाड़ो’ वाले ‘घर-घर तिरंगा लगाओ’ कह रहे
kanak tiwariकनक तिवारी

‘घर-घर तिरंगा उखाड़ो’ वाले ‘घर-घर तिरंगा लगाओ’ कह रहे हैं. तिरंगा ध्वज ! यह लोग शीर्षासन क्यों कर रहे हैं ? ‘हर हाथ को काम’, ‘हर खेत को पानी’ कहने वाले देश में अब हर हाथ में तिरंगा झंडा आ गया है. सारे देश में हल्ला मचा हुआ है. जो लोग आजा़दी की लड़ाई के वक्त तिरंगे झंडे से नफ़रत करते थे, जो यूनियन जैक को सलाम करते थे, जो अपनी समझ के कारण केसरिया या भगवा झंडे को अपनी छाती से लगाए हुए थे, आज तिरंगे झंडे के सबसे बड़े पैरोकार बने घूम रहे हैं. देश में बेरोज़गारी है, महंगाई है, भुखमरी है, प्रदूषण है, कुपोषण है, खाने की किल्लत हैं, हिंसा और झगड़े हैं, सब…

क्या है यह झंडा ? यह झंडा कागज पर छपी हुई चीज़ है या कपड़े पर उकेरा गया कोई चेहरा है ? यह झंडा है किसी कौम के ईमान का परचम ! यह उसके इतिहास का, उपन्यास उसकी कहानी का, कुर्बानी का जलजला है. यह किसी देश का इतिहास है. इस झंडे को बचाए रखने के लिए लाखों करोड़ों ने कुर्बानी दी. तब भी कुछ लोग अंग्रेज के तलुवे सहला रहे थे, उनके जूते झाड़ रहे थे.

You might also like

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

आज भी तिरंगे झंडे से कोई अपना मुंह पोंछ रहा है, कोई उल्टा तिरंगा झंडा लगाकर विदेशों में अपने देश की शान में बट्टा लगा रहा है, फिर भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं आती है. विदेश से या देश के कारपोरेट से लाखों करोड़ों का झंडा किसी औद्योगिक उत्पाद की तरह पैदा कराया जा रहा है. कहीं चरखा नहीं है. कहीं हैंडलूम नहीं है. कहीं स्वदेशी नहीं है. कहीं खादी भी नहीं है. देश का सूती उद्योग भी नहीं है. इसे जिन माध्यमों से बनाया जा रहा है. वे न तो भारतीय हैं, न स्वदेशी हैं, फिर भी झंडे का रोजगार किया जा रहा है.

कभी लोग कहते थे कांग्रेस में रहकर ऐ खुदा मुझे जीवन में कुछ मिले न मिले लेकिन जिस दिन मैं अंतिम सफर पर चलूं. मेरा जिस्म, मेरी लाश इस तिरंगे झंडे से लिपटी हो. हमारे सैनिक भी कहते हैं हमें कोई पुरस्कार नहीं चाहिए, लेकिन हमारा जीवन धन्य हो जाएगा जिस दिन देश की सेवा करते हमारा शव तिरंगे झंडे में लिपटे परिवार के लोग हमारे दोस्त और देश के लोग देखेंगे. उस तिरंगे झंडे को आपने उस तरह के व्यापार डाल दिया, जैसा आपके दोस्त अडानी अंबानी और दूसरे आपकी मदद से कर रहे हैं. शर्मनाक है !

अफसोस होता है. लोगों से कहते हैं गरीबों से अपने घरों पर झंडा लगाओ. घर ही नहीं हैं. लाखों लोग बेघर हैं. आपने वादा किया था कि 2022 तक हर एक के सिर के ऊपर छत होगी, कहां है वह छत ? कहां गए सब लोग ? इस देश में गरीबी का इंडेक्स बढ़ गया है. प्रदूषण का भी भुखमरी का भी. इस देश की मीडिया दुनिया में सबसे ज्यादा बिकाऊ और सरकार की गुलाम है.

संविधान की एक-एक हिदायत की धज्जियां उड़ा रहे हो. काहे का स्वतंत्रता दिवस ? किस बात का जोश और क्या करेगा तिरंगा झंडा ? तिरंगा झंडा तो उनके हाथों में था जो अपने देश को आजा़द करने तबाह हो गए. कुर्बान हो गए. मिट गए. हम उन स्वतंत्रता संग्राम सैनिकों की औलादें हैं. हम इस तिरंगे झंडे के शान और सम्मान को कभी कम नहीं होने देंगे लेकिन हम देश के अवाम हैं, तिरंगे झंडे और उसके सम्मान को राजशाही का रुक्का नहीं बनने देंगे.

Read Also –

तिरंगा को आतंक बना कर गद्दार सावरकर को स्थापित करने का कुचक्र रचा मोदी ने
‘घर घर तिरंगा’ अभियान के इस गौरवगान में स्मृति, विस्मृति और कारोबार का खेल है
भाजपा-आरएसएस का तिरंगा प्रेम : जब गद्दार देशभक्त होने का नौटंकी करने लगे …
देश, देशभक्ति और तिरंगा

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-Pay
G-Pay
Previous Post

भारत का मर्म और पंडित नेहरू

Next Post

प्रधानमंत्री मोदी आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मना रहे हैं !

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

प्रधानमंत्री मोदी आज 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं !

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

बेहद गंभीर जरूरी और मार्मिक सवाल

May 5, 2020

मसखरों का खेल है चुनाव

April 13, 2017

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.