Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

उड़नतश्तरियों की दहशत और वैज्ञानिक शोधों के जीरो नतीजे

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 19, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
उड़नतश्तरियों की दहशत और वैज्ञानिक शोधों के जीरो नतीजे
उड़नतश्तरियों की दहशत और वैज्ञानिक शोधों के जीरो नतीजे

ब्रह्माण्ड अनंत है तो इसके रहस्यों की श्रृंखला भी उतनी ही रहस्यमयी है. मानव विकास के बीच धर्म, भाग्य-भगवान की उत्पत्ति भी रहस्यों के साथ जीने की कोशिश के तौर पर होती आई है किंतु जैसे जैसे मनुष्य ने विज्ञान के प्रति अपनी समझ को केन्द्रित किया वैसे वैसे धार्मिक रहस्य छूमंतर होते चले गए और बचे हुए रहस्यों के मलबे में मठाधीशों ने अपनी इहलोक परलोक की बातें बेचने की दुकानें खोल ली.

हम बात कर रहे हैं उड़नतश्तरियों की यानि UFO मतलब Unidentified Flying Objective की. उड़नतश्तरियों का रहस्य हमेशा ही पृथ्वीवासियों के लिए कौतूहल व जानने का विषय रहा है. हालीवुड का आधा रोजगार तो उड़नतश्तरियों के रहस्यों ने जमाया हुआ है. अभी तक दुनिया के वैज्ञानिक उड़नतश्तरियों के होने पर दावे से बचते रहे हैं. हालांकि पिछले दो-तीन दशकों में दुनिया में उड़नतश्तरियों को देखने के ज्यादा मामले आये हैं.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

भारत में तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में उड़नतश्तरियां प्रकट होने की खबरें आती रही हैं. हाल ही में नवंबर 2023 में मणिपुर के आसमान में एक घंटे तक एक रहस्यमयी चीज ने घूम-घूमकर मणिपुर शासन प्रशासन के होशो हवास के तोते उड़ा दिए थे.

यहां तक कि कुछ घंटों के लिए इम्फाल एयरपोर्ट को भारतीय वायुसेना ने कब्जे में लेकर एयरपोर्ट की सारी उड़ानें रद्द कर दी थी और आसमान में उस रहस्यमयी चीज का पीछा करने के लिए अपने दो राफेल विमान उड़ा दिए थे. राफेल विमान के पायलट और विमानों पर लगे रडारों ने उस रहस्यमयी चीज के बारे में पता करने पर असमर्थता जताई, और देर शाम एयरपोर्ट पर नागरिक आवाजाही को सामान्य बनाया गया.

पृथ्वी से अलावा ब्रह्मांड में करोड़ों ग्रह हैं, तब इससे इन्कार नहीं किया जा सकता कि ब्रह्मांड के अन्य ग्रहों में जीवन नहीं हो सकता. उड़नतश्तरियों की गति और उनके आकार प्रकार से यह अनुमान लगाया जाता रहा है कि उड़नतश्तरियों की दुनिया के लोग और वहां का विज्ञान, पृथ्वी के विज्ञान से कम से कम 2000 साल एडवांस प्रतीत होता है.

चार साल पहले नासा वैज्ञानिकों ने सूर्य के नजदीक एक पृथ्वी से भी बड़े आकार की उड़नतश्तरी देखने का दावा किया था. वैसे पृथ्वीवासियों को पहली उड़नतश्तरी कहां और कब दिखी इस पर पुख्ता तौर पर कोई प्रमाण नहीं हैं, लेकिन एक यूरोपियन वैज्ञानिक ने 16 वीं सदी में उड़नतश्तरियों के बारे में यह कहकर तहलका मचा दिया था कि ‘सभी धर्मों में वर्णित देवदूत व उन देवदूतों के रहस्यमयी विमान, उड़नतश्तरियां व एलियन ही हैं.’

उड़नतश्तरियों पर बहुआयामी शोध के लिए दुनिया में सबसे अधिक उड़नतश्तरियां दिखाई देने वाला क्षेत्र कनाडा में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध संस्थान है, जहां पर अत्याधुनिक दूरबीन व सैटेलाइट लगे हुए हैं. लेकिन अचरज की बात ये है कि पिछले साढ़े तीन दशकों के शोध में संस्थान कोई डेटा नहीं जुटा पाया है.

हालांकि उड़नतश्तरियों के मामले में अमरीका और चीन एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं कि उड़नतश्तरियां इन देशों के जासूसी उपग्रह हैं लेकिन वास्तविकता ये है कि उड़नतश्तरियां पृथ्वी के वैज्ञानिक खोज से बिल्कुल मेल नहीं खाती है. 1960 के दशक में एक रूसी समाजविद् ने कहा था कि –

‘उड़नतश्तरियां व एलियन का रहस्य गढ़ने में दुनिया के बड़े पूंजीपतियों व माफियाओं का हाथ है. यह इसलिए प्रचारित किया जाता है ताकि सामान्य नागरिकों को अदृश्य दुनिया के भय में उलझाकर अपने नाजायज शोषण के मंसूबों को इत्मीनान से पूरा कर सकें.’

लेकिन बीते नजदीकी सालों में रहस्यमयी चीज आसमान में काफी दिखाई देने लगी हैं. हाल ही में रूस यूक्रेन के मध्य जारी युद्ध के दरमियान उड़नतश्तरियों व एलियन की मौजूदगी की अफवाह उड़ी थी. मामला जो भी है दुनिया के वैज्ञानिक इस पर दुविधापूर्ण ब्यौरा ही देते रहे हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार ‘उड़नतश्तरियों (UFO) का भ्रम विभिन्न दिशाओं से आती एक निश्चित प्रकाश के बीच सूक्ष्म धूल-कणों का एक निश्चित अनुपात का केन्द्रीयकरण मात्र है. इसे इंद्रधनुष की तरह समझें, जिसे नजदीक से नहीं देखा जा सकता है.’

  • ऐ. के. ब्राईट

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-Pay
G-Pay
Previous Post

ओ गाज़ा के शरारती बच्चों…

Next Post

‘मंहगाई की महामारी ने हमरा भट्टा बिठा दिया’

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

‘मंहगाई की महामारी ने हमरा भट्टा बिठा दिया’

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

आज का पूंजीवादी संकट तथा मार्क्स की विचारधारा

May 6, 2020

आदमी को कुत्ता समझने और बनाने की संघी परंपरा रही है

March 22, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.