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चारों देशों की कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा – साम्राज्यवाद के पाले पोसे रक्तपिपासु नेतन्याहू के हमलों को रोको !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 20, 2025
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चारों देशों की कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा - साम्राज्यवाद के पाले पोसे रक्तपिपासु नेतन्याहू के हमलों को रोको !
चारों देशों की कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा – साम्राज्यवाद के पाले पोसे रक्तपिपासु नेतन्याहू के हमलों को रोको !

ईरान, इजरायल, फिलिस्तीन और संयुक्त राज्य अमरीका की कम्युनिस्ट पार्टियों ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ईरान पर हमले और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इसके समर्थन की कड़ी निंदा की हैं. दुनिया भर में अन्य जगहों पर कम्युनिस्ट और वर्कर्स पार्टियों ने भी ईरान पर बमबारी की निंदा करते हुए बयान जारी किए हैं . लेकिन अनावश्यक युद्ध में धेकेले गए दोनों देशों – ईरान और इजरायल – की कम्युनिस्ट पार्टियों का एकजुट रुख इस नवीनतम युद्ध के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है.

शुक्रवार और सोमवार के बीच अलग-अलग जारी किए गए चार बयानों में, ईरान की तुदेह पार्टी, इजरायल की कम्युनिस्ट पार्टी, फिलिस्तीनी पीपुल्स पार्टी और अमरीका की कम्युनिस्ट पार्टी ने चेतावनी दी है कि नेतन्याहू के बमबारी अभियान से एक बहुत व्यापक विनाशकारी युद्ध छिड़ने का खतरा है. साथ ही साथ गजा के लोगों की पीड़ा भी बढ़ रही है.

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तुदेह : कम्युनिस्ट पार्टी ईरान का बयान

इजरायल के हवाई हमलों और ईरानी सैन्य और वैज्ञानिककर्मियों की हत्याओं को ‘आतंकवादी अभियान’ कहते हुए ईरान की कम्युनिस्ट पार्टी, तुदेह पार्टी, जिसका अर्थ ‘ईरानी जनता की पार्टी’ होता है, ने कहा है कि हमलों का उद्देश्य ‘ईरान को दूसरे सीरिया या इराक में बदलना’ है. पार्टी ने कहा है कि इस तनाव और युद्ध से ‘केवल साम्राज्यवाद, उसके लगुये भगुओं, प्रतिक्रियावादी और ईरान की सत्तारूढ़ तानाशाही को ही फ़ायदा होगा.’

तुदेह ने ईरान पर चल रही बमबारी को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इसके ‘पूरे मध्य पूर्व में शांति के लिए गंभीर’ परिणाम होंगे. ट्रम्प प्रशासन द्वारा राजनीतिक और सामरिक रूप से इस हमले का समर्थन करने के लिए उसकी भर्त्सना करते हुए तुदेह पार्टी ने कहा कि यह अमेरिकी सरकार के ‘एक ऐसे शासन के साथ व्यावहारिक सहयोग का एक और उदाहरण है जिसने अब तक 50,000 से अधिक फिलिस्तीनियों को मार डाला है… और आर्थिक नाकेबंदी के माध्यम से लाखों नागरिकों को अकाल और भुखमरी का शिकार’ बना दिया है.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इजराइल का बयान

उधर तेल अवीव में, इज़राइल की कम्युनिस्ट पार्टी ने हदाश (शांति और समानता के लिए लोकतांत्रिक मोर्चा) गठबंधन के साथ मिलकर कहा कि उनके देश – इजरायल – के नेता एक और ‘खतरनाक युद्ध शुरू करने के दोषी हैं जो पूरे मध्य पूर्व को चपेट में ले सकता है.’ नेतन्याहू के मंत्रिमंडल को ‘फासीवादी सरकार’ करार देते हुए, इजराइल की कम्युनिस्ट पार्टी और हदाश ने कहा है कि नेतन्याहू सरकार पर ‘क्षेत्र को व्यापक और खतरनाक तनाव की ओर धकेलने’ का आरोप लगाया.

इज़राइल की संसद नेसेट के कम्युनिस्ट सदस्य, सांसद ओफर कैसिफ ने कहा कि ‘नेतन्याहू का ईरान पर हमला करने का फैसला इजरायली जनता में उनकी बदतर होती राजनीतिक स्थिति से उपजी घबराहट और तनाव और उनकी रक्तपिपासा की लत का नतीजा है.’  कैसिफ ने बताया कि नेतन्याहू की सरकार कई हफ्तों से पतन के कगार पर है और प्रधानमंत्री अपने अति-कट्टरपंथी, युद्धोन्मादी सहयोगियों को बड़ी रियायतें देकर अपनी कुर्सी को बचाए हुए हैं, जिसमें ईरान के खिलाफ युद्ध भी इसी तारा की घिनौनी डील में शामिल है.

इजरायल की कम्युनिस्ट पार्टी ने चेतावनी दी है कि इजराइली सरकार ‘गाजा पट्टी और कब्जे वाले पश्चिमी तट की तरफ और भी खतरनाक योजनाओं को अंजाम देने के लिए खुद अपने द्वारा बनाई गई इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है.’ पिछले 72 घंटों में इजराइली सैन्य गतिविधि में आई तेजी से ऐसा ही लगता है.

पिछले कई दिनों से गाजा में इंटरनेट और संचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे बाहरी दुनिया तक पूरी जानकारी नहीं पहुंच पा रही है. हालांकि, सोमवार की सुबह तक, फिलिस्तीनी पीपुल्स पार्टी इजरायल की सूचना नाकाबंदी को तोड़ने में कामयाब रही और अंतर्राष्ट्रीय कम्युनिस्ट आंदोलन के ऑनलाइन बुलेटिन सॉलिड नेट को एक बयान दिया.

कम्युनिस्ट पार्टी फ़िलिस्तीन का बयान

फिलिस्तीन की कम्युनिस्ट पार्टी (पीपीपी) ने ईरान के खिलाफ़ आक्रमण के लिए इजरायली सेना की निंदा की, उसने इसके लिए वाशिंगटन को भी शरीके जुर्म बताया. पार्टी ने कहा, ‘यह आक्रमण अमेरिकी संरक्षण और समर्थन के बिना नहीं किया जा सकता है.’ ईरान पर नवीनतम बमबारी ‘अहंकार और हिंसा के अमेरिकी-इजरायली सैन्य अपराधो की कड़ी में एक प्रकरण है.’

पीपीपी ने कहा कि ईरान पर युद्ध सीधे गाजा पर युद्ध से जुड़ा हुआ है. दोनों ही हमलों के पीछे अमेरिकी हथियार, रसद, तकनीकी सहायता और उसके द्वारा दी गयी अरबों डॉलर की मदद है. फिलिस्तीनी लोगों के ‘आक्रामक युद्ध और चल रहे नरसंहार को तत्काल खत्म किया जाना ही’ ‘पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता प्राप्त करने का सच्चा प्रवेश द्वार है.’

कम्युनिस्ट पार्टी अमरीका का बयान

अमरीका की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीयूएसए) ने कहा है कि ‘यह हमला फासीवादी इजरायली सरकार और वाशिंगटन के बीच आपराधिक सहयोग को उजागर करता है.’ यह युद्ध नेतन्याहू द्वारा अपने शासन को पतन से बचाने का प्रयास है. मगर ‘यह रक्तपात केवल उनका ही नहीं है. ट्रम्प के नेतृत्व वाला अमरीकी साम्राज्यवाद नेतन्याहू के अपराधों का जिम्मेदार भी है, उसका प्रमुख लाभार्थी भी है.’

हालांकि, इसी के साथ अमेरिकी कम्युनिस्टों ने याद दिलाया कि समस्या केवल ट्रम्प की नहीं है. सीपीयूएसए के मुताबिक ‘अमरीका की द्विदलीय युद्ध मशीन इसके पीछे है …रिपब्लिकन लिंडसे ग्राहम से लेकर जॉन फेटरमैन और रिची टोरेस जैसे डेमोक्रेट तक, इजरायल द्वारा पूरे क्षेत्र और दुनिया को युद्ध और तबाही की ओर धकेले जाने पर खुशी मना रहे हैं.’

पार्टी ने कहा, ‘यह ‘आत्मरक्षा’ नहीं है – यह वाशिंगटन की मंजूरी के साथ इजरायल द्वारा की गयी एक सुनियोजित उकसावे की कार्रवाई है, ताकि कूटनीति को पटरी से उतारा जा सके और ईरान और पूरे क्षेत्र को मजबूर किया जा सके.’ अमेरिका और ईरान को रविवार को कुछ अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के परमाणु विकास कार्यक्रम की स्थिति से संबंधित समझौते पर बातचीत के एक और दौर के लिए मिलना था. नेतन्याहू के हमलों के कारण, वह सत्र रद्द कर दिया गया.

कूटनीति के बजाय, अमेरिका अब इजरायली हमलों में प्रत्यक्ष भागीदार है. उन्नत हथियारों और तकनीकी सहायता के प्रावधान से आगे जाकर इजरायल के अंदर अमेरिकी सैन्य बल पहले से ही ईरानी जवाबी कार्रवाई को कुंद करने के लिए हवाई रक्षा अभियानों में भाग ले रहे हैं.

हमलों का विरोध करने वाले अंतर्राष्ट्रीय आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए, तुदेह पार्टी ने दुनिया की सभी प्रगतिशील ताकतों से इजरायल के अवैध युद्ध की निंदा करने और संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद के साथ-साथ अपनी सरकारों पर दबाव डालने का आग्रह किया है, ताकि मध्य पूर्व को बड़े पैमाने पर युद्ध में डूबने से रोका जा सके.

संयुक्त राज्य अमेरिका में, शनिवार को ट्रम्प विरोधी ‘नो किंग्स डे’ विरोध प्रदर्शन के लिए 50 लाख से अधिक लोग निकले. कम्युनिस्ट पार्टी यूएसए द्वारा युद्ध पर जारी बयान दुनिया की कम्युनिस्ट पार्टी और शान्ति के हिमायतियों की भावनाओं को प्रतिध्वनित करता है.

यह सब पढ़ते-पढ़ते अपने एक कम्युनिस्ट होने पर थोड़ा एक्स्ट्रा गर्व होने लगता है.

  • बादल सरोज

भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का शुरुआती दौर, सर्वहारा आंदोलन और भगत सिंह
क्या आप सोवियत संघ और स्टालिन की निंदा करते हुए फासीवाद के खिलाफ लड़ सकते हैं ? 

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