Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

ease of doing business रैंकिंग और हम

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 1, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

ease of doing business रैंकिंग और हम

मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि सामने आई है दुनिया के पैमाने पर. भारत में बिजनेस करने में आसानी के मामले में आज भारत का स्थान तेजी से 2014 के मनमोहन सिंह के समय के 142 स्थान से उछल कर 77 वें पायदान पर पहुंंच चुकी है. इससे बड़ी उपलब्धि कुछ और हो भी नहीं सकती. पूरे देश में इस उपलब्धि के बड़े-बड़े पोस्टर पटेल की प्रतिमा को भी अगले कुछ हफ़्तों में ढंक लेंगे.




लेकिन ठहरिये मित्र ! आप इतना खुश क्यों हो रहे हैं ?

क्या आप अम्बानी खानदान से हैं ? वे तो एशिया के भी बादशाह हो चुके हैं, जैक मा को पीछे छोड़कर.

क्या आप का काम धंधा पहले से बेहतर हुआ है ?

अगर नहीं हुआ है तो यह ease of doing business में रैंकिंग भी आपकी नहीं हुई है.

आज अदम गोंडवी के “100 में 70 आदमी फिलहाले दिले नाशाद है, दिल पर रखकर हाथ कहिये मुल्क क्या आजाद है ?” के बजाय 100 में 99 आदमी पहले से सिकुड़ चुका है.




जैसे कल पटेल जी की विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति का उद्घाटन हुआ तो वहां के आस पास के 70 से अधिक गांंवों के लोगों के घर चूल्हा नहीं जला, ठीक वैसे ही जैसे जैसे विकास का बबुआ पैर पसारेगा, आपके नीचे की जमीन खिसकती जायेगी.

अभी तो अमेरिका में खुद व्यवसाय के साधन बढ़ रहे हैं, और इतना सब करने के बावजूद देश में विदेशी निवेशकों का पैसा आने के बजाय भाग रहा है. लेकिन जैसे ही माहौल फिर से ज्यादा लूट सकने का बनेगा, इस रैंकिंग का फायदा मिलेगा.




Ease Of Doing Business का मतलब है आइये, आपके लिए इस देश में जमीन खाली करा दी गई है, आपके साथ राफेल टाइप सौदा समझौता करने के लिए देशी दलाल मौजूद रहेगा, सरकार आपके साथ और उसके साथ मुस्तैदी से डटी रहेगी, इस देश के मजदूरों के ट्रेड यूनियन और उनके रेगुलर होने की समस्या से हम निपट चुके हैं, कोई चूं नहीं करेगा, पूरी दुनिया से सस्ता लेबर हम देंगे, जब चाहो निकाल देना, साथ में आपके माल के लिए बाजार हमारे से बड़ा ३०-४० देश मिलकर भी नहीं दे सकते, आप जो कमाएंगे उसे अपने देश या चाहें तो पनामा पैराडाइज़, स्विस मारीशश कहीं भी ले जाएंं. बीमा और बैंकिंग सेक्टर में आइये. बीमा करिये और अपनी शर्तें बाद में बताएं. यह देश विकास के लिए अपनी जान दे देगा, पर चूं नहीं करेगा.




वैसे भी ग्लोबल वार्मिंग के चलते आपके यूरोप और अमेरिका में फैक्ट्री से निकला धुआं और प्रदूषण आपके स्वास्थ्य को कितनी हानि पहुंचा रहा है.आइये, हमारे देश में. फ़ालतू में 60-70 करोड़ ज्यादा आबादी है, इसे मारने में सहयोग करें.  (ये भाषा नहीं होती,लेकिन इंटेंशन यही हैं).

आज देश के 1% के पास कुल सम्पदा का 70 फीसद पर कब्ज़ा हो चुका था 2017 तक. 2022 तक शायद यह 90 % हो जाय. फिर इस देश के मध्य वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और गरीब की खाई पूरी तरह से पट जाए और देश में कुछ बदलाव असली वाला हो.

तब तक हम सब इस भिकास के स्वागत में आइये, दिल्ली की सड़कों पर PM 2.5 का लुत्फ़ लें.

– रविन्द्र पटवाल




Read Also –

भारत में सरकारी तंत्र और आम आदमी
अरुंधति भट्टाचार्य का अंबानी के यहां नौकरी, यह खुलेआम भ्रष्टाचार है
CMIE रिपोर्ट : नौकरी छीनने में नम्बर 1 बने मोदी
देश को सबसे ज्यादा कर्ज में डुबाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने मोदी
पूरी तरह फर्जी है मोदी सरकार




[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]




[ लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रतिभा एक डायरी को जन-सहयोग की आवश्यकता है. अपने शुभचिंतकों से अनुरोध है कि वे यथासंभव आर्थिक सहयोग हेतु कदम बढ़ायें. ]

Previous Post

दांव पर सीबीआई की साख – ये तो होना ही था

Next Post

… और अब रिज़र्व बैंक पर हमला !

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

... और अब रिज़र्व बैंक पर हमला !

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

माओवादी नेता गणेश उईके का अपनी मां को लिखा पत्र

December 27, 2025

भारत की नपुंसक फ़ासिस्ट सरकार, गोबरपट्टी और तालिबान

October 7, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.