Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भाजपा या कांग्रेस दोनों से त्रस्त जनता को दर्शाने वाला चुनावी नतीजा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 12, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भाजपा या कांग्रेस दोनों से त्रस्त जनता को दर्शाने वाला चुनावी नतीजा

नतीजों से जनता के बीच असंतोष को साफ़ तौर से देखा जा सकता है. भाजपा के दक्षिणपंथी/फासीवादी विचार को नाकारा पर साथ में ही कांग्रेस को भी पूरी तरह से बहुमत न मिलना, आम जन की बेचैनी को दिखा रहा है.

चुनाव के नतीज़े आने के बाद भाजपा और भक्तों में बेचैनी तो दिख रही है पर उनके स्वर में अभी भी वही साम्प्रदायिकता और धुर दक्षिणपंथ के तल्खी दीख रही है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

नतीजों से जनता के बीच असंतोष को साफ़ तौर से देखा जा सकता है. भाजपा के दक्षिणपंथी/फासीवादी विचार को नाकारा पर साथ में ही कांग्रेस को भी पूरी तरह से बहुमत न मिलना, आम जन की बेचैनी को दिखा रहा है.




चुनाव से कोई आमूल परिवर्तन नहीं होता लेकिन जैसा मार्क्स ने कहा है कि यह समर्थकों को गिनने का एक तरीका होता है. उस लिहाज से भाजपा के भक्तों को छोड़ दें तो समर्थकों की संख्या में हर राज्य में कमी दिखाई दे रही है लेकिन कांग्रेस के साथ भी जन सैलाब नहीं देखा जा रहा. इसका क्या मतलब निकल जा सकता है ? यही कि जनता के बीच दोनों पार्टियों के प्रति उदासीनता बढ़ती जा रही है, पर कोई विकल्प ना होने की वजह से उसके पास राक्षस और गहरे समुद्र में से ही एक को चुनने की मजबूरी है.

छोटी पार्टियों को मिले वोट और सीट भी इस बार के चुनावों में गौर करने वाली बात रही है. हालांकि अधिकांश छोटी पार्टी या तो कांग्रेस से या भाजपा से ही टूट कर निकली है और उनकी ’घर वापसी’ की सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसमें जनता कितनी जिम्मेदार है, यह हम सभी जानते हैं.




संसदीय वाम को राजस्थान में 2 सीट का मिलना और उसके दो एनी जगहों पर आशा के विपरीत प्रदर्शन भी दर्शाता है कि मीडिया के लाख कहने के बावजूद गरीबों के बीच लाल झन्डा का मोह भंग नहीं हुआ है. इन संसदीय वाम पार्टियों के पास मौका है और था कि भाजपा-कांग्रेस से परे एक जन विकल्प को पेश करने का लेकिन यह मौका हर बार की तरह ही वे गवां बैठे और आगे भी गवाएंगे इसकी पूरी गारंटी ली जा सकती है.




Read Aslo –

चुनाव नतीजे, भक्त गवर्नर, और वामपंथी
भारतीय किसानों का घोषणा पत्र
छल-प्रपंच के आवरण में लिपटी आस्था का चुनावी ब्रह्मास्त्र





[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

बढ़त के आधार पर आये चुनावी परिणामों का एक सरल, सपाट विश्लेषण 

Next Post

मनुस्मृति : मनुवादी व्यवस्था यानी गुलामी का घृणित संविधान (धर्मग्रंथ)

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

मनुस्मृति : मनुवादी व्यवस्था यानी गुलामी का घृणित संविधान (धर्मग्रंथ)

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

आदिवासी संरक्षित क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया

November 19, 2018

तहजीब मर जाने की कहानी है अयोध्या

August 8, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.