Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

राजनीतिक बहसों का उच्च मापदंड !?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 26, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

राजनीतिक बहसों का उच्च मापदंड !?

हॉकी इंडिया में अपनी पुत्री को वकील नियुक्त करवाकर बिलकुल भाई-भतीजावाद न फैलाने वाले वित्त मंत्री जी राहुल गांधी को ’जर्सी गाय का बछड़ा’ बोलकर सार्वजनिक बहस के स्तर को आपके ’साहेब’ ने कितना ऊंचा स्थापित किया था ? ’साहेब’ ने केजरीवाल को ’अनार्किस्ट’ और ’नक्सली’ कह बहस के कौन से मानदंड तय किये थे ? रामज़ादे / हरामज़ादे के ज़रिये चुनावी प्रचार की बहस के उच्च मानदंड किस राजनैतिक दल ने स्थापित किये थे ? अरविन्द केजरीवाल के गोत्र को ही ’उपद्रवी’ बता बहस के उच्च आदर्श स्थापित करने वाला पोस्टर किस राजनैतिक दल ने लगाया था ?

20,000 रूपये की कुल कीमत वाले लैपटॉप के लिए प्रतिदिन 16,000 रुपये किराया देने वाले देश के माननीय वित्त मंत्री जी ने फेसबुक में अपने लेख में फ़रमाया था कि ‘अरविन्द केजरीवाल को अभद्रता का अधिकार नहीं.’ उन्होंने सार्वजानिक बहस के स्तर को नीचा ले जाने का आरोप अरविन्द पर लगाया था.

You might also like

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

3,000 रूपये प्रतिदिन प्रिंटर का किराया देने वाले मितव्ययी वित्तमंत्री ने कांग्रेस पर भी अभद्रता के ज़रिये वोटों की उम्मीद पालने का तोहमद लगाया था. डीडीसीए के लिए 5,000 रुपये की पूजा की थाली खरीदने का बिल डालने वाले वित्त मंत्री जी शायद भूल गए कि ’अगर सोनिया गांधी देश की प्रधानमंत्री बनी तो में बाल मुंडवा के सफ़ेद साड़ी पहन चना-चिड़वा खाकर विरोध करुंगी’, राष्ट्रीय मीडिया के सामने छाती पीट-पीट कर किसने कहा था ?

हॉकी इंडिया में अपनी पुत्री को वकील नियुक्त करवाकर बिलकुल भाई-भतीजावाद न फैलाने वाले वित्त मंत्री जी राहुल गांधी को ’जर्सी गाय का बछड़ा’ बोलकर सार्वजनिक बहस के स्तर को आपके ’साहेब’ ने कितना ऊंचा स्थापित किया था ? ’साहेब’ ने केजरीवाल को ’अनार्किस्ट’ और ’नक्सली’ कह बहस के कौन से मानदंड तय किये थे ? रामज़ादे / हरामज़ादे के ज़रिये चुनावी प्रचार की बहस के उच्च मानदंड किस राजनैतिक दल ने स्थापित किये थे ? अरविन्द केजरीवाल के गोत्र को ही ’उपद्रवी’ बता बहस के उच्च आदर्श स्थापित करने वाला पोस्टर किस राजनैतिक दल ने लगाया था ?




चांद-सूरज मुट्ठियों में पकड़ने की अठखेलियां करने वाला प्रधानमंत्री देश को थोपने के लिए शालीन मनमोहन को गूंगा, म्यूट रिमोट संचालित जैसे उपनामों से नवाजने का काम कर कौन से उच्च मापदंडों की स्थापना आपके दल के द्वारा की गई थी ?

बिहार इलेक्शन के आखरी दिन इलेक्शन कमीशन द्वारा बैन किया गया गाय वाला कुख्यात पोस्टर किस पार्टी ने अख़बारों में छपवाया था ? और इससे कौन-सी बहस का स्तर ऊंचा उठाया जा रहा था ? आप भली-भांति जानते होंगे. दादरी में वायुसैनिक के पिता की ’हिंसक हत्या’ को किसके मंत्री ने ’हादसा’ बोलकर उसकी जघन्यता को हल्का करने का प्रयास किया था ? हरियाणा में दलित बच्चों को जला दिए जाने पर किसके मंत्रिमंडलीय सहयोगी ने ’दलितों की तुलना कुत्तों’ से की थी ?

वो कौन से माननीय थे जिन्होंने ’गुजरात के दंगों को गोथरा का परिणाम’ बता कर दंगों के कारणों की बहस को एक नई ऊंचाई दी थी ?




भारत के राजनैतिक इतिहास में ’पोलिटिकल डिस्कोर्स’ की भाषा और स्तर को सबसे निम्न स्तर पर ले जाने का यदि सबसे बड़ा कोई दोषी है तो वो आपका दल है, आपके मंत्रिमंडलीय सहयोगी हैं और आपके नेता हैं. आपके दल को भारतीय राजनीति के इतिहास में सार्वजनिक बहस को जनता के रोज़ी-रोटी और शिक्षा-चिकित्सा के मुद्दों से भटका कर ’धार्मिक उन्माद’ पर केंद्रित कर उसके स्तर को नीचा गिराकर सत्ता में आने के लिए सदैव याद किया जाता रहेगा.

आप भी कितने दूध के धुले हैं, ये भी जनता ने खूब देखा जब आपने पोलिटिकल क्षेत्र से अलग रचनाशील, बौद्धिक, वैज्ञानिक और कलाकारों की ओर से आपके लोगों के असहिष्णु कृत्यों के विरोधस्वरुप एक बहस प्रारम्भ करने का प्रयास किया, तो आपने उस बहस को ’मैन्युफैक्चर्ड’ बता कर उसका वध करने का भरपूर प्रयास किया.




अंत में एक उदाहरण, कॉलेज में मेरे एक टीचर हुआ करते थे. उनका बेटा हमारा क्लासमेट था. एग्जाम के दौरान वो अपनी ड्यूटी प्रिंसिपल से कह उस क्लास से हटवा लेते थे जिसमें उनके बेटे के भी पेपर देने की सम्भावना होती थी. काश उन्होंने आपसे और सुषमा जी से अपने ’वकील पुत्रियों और भतीजों’ के कैरियर को प्रमोट करने की कला सीखी होती. ललित मोदी प्रकरण के बाद पंजाब आतंकवाद के विरुद्ध हमारे हीरो रहे केपीएस गिल भी हॉकी इंडिया की बातें सार्वजनिक करते रहे हैं. अब तो माल्या का भाग जाने से पहले संसद में मिलना-जुलना भी सार्वजनिक हो चुका है. रघुराम राजन की एनपीए वाली लिस्ट की बात भी सार्वजनिक हो चुकी है.

2019 अप्रैल मई में चुनाव आ रहे हैं सोचा आपके साथ सारे देश को सच्चा पोलिटिकल डिस्कोर्स याद दिला दूं.

  • फरीदी अल हसन तनवीर





Read Also –

70 साल के इतिहास में पहली बार झूठा और मक्कार प्रधानमंत्री
मोदी का अंबानीनामा : ईस्ट इंडिया कंपनी-II
भाजपा का सारा कुनबा ही निर्लज्ज और हिन्दू संस्कृति विरोधी है 




[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

फर्जी सरकार के फर्जी आंकड़े

Next Post

बैंकों में हड़ताल आखिर क्यों ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

by ROHIT SHARMA
June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

by ROHIT SHARMA
May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

by ROHIT SHARMA
May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

बैंकों में हड़ताल आखिर क्यों ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

किसान आंदोलन : जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए मोर्चे से मौत तक

May 19, 2021

देश को सबसे ज्यादा कर्ज में डुबाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने मोदी

October 6, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.