Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

भ्रष्ट वेद प्रकाश का भाजपा में जाना

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 28, 2017
in ब्लॉग
1
भ्रष्ट वेद प्रकाश का भाजपा में जाना
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

कहा जाता है कि गंगा में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं. यह सच है या नहीं यह तो नहीं जानते, पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते ही सारे पाप धुल जाते हैं, यह सच है. भारतीय जनता पार्टी द्वारा भ्रष्टाचार में अब्बल बताने वाले शरद पवार को जब मोदी सरकार पद्दम पुरस्कार से नवाजती है. इसके साथ ही उनके किये सारे पाप (भ्रष्टाचार) धुल जाते हैं, तब यह कहावत पूर्णतः सही साबित हो जाती है. ताजा प्रकरण में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में शामिल विधायक वेद प्रकाश का है.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में शामिल विधायक वेद प्रकाश पिछले दो सालों से सरकार में हैं और अब जाकर उसे मालूम हुआ कि वह आम आदमी पार्टी में वह घुटन महसूस कर रहे थे. दरअसल विधायक वेद प्रकाश को पार्टी में रहते हुए भ्रष्टाचार करने का मौका नहीं मिल रहा था, जिस कारण उनका दम घुट रहा था और पहली मौका मिलते ही भ्रष्टाचार में भिड़ जाने के बावजूद उनकी पोल खुल गई.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए वेद प्रकाश पर भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार के बीस से ज्यादा आरोप लगा रहे थे. इसके साथ ही वे अरविंद केजरीवाल की नाराजगी भी झेल रहे थे. दरअसल वे एम0सी0डी0 चुनाव के लिए पार्षद चुनाव हेतु 70 लाख रूपये में एक प्रत्याशी के साथ सौदा तय कर रहे थे, जिसकी आॅडियो सीडी पार्टी के पास पहुंच गई थी. इस बात की जानकारी जैसे ही वेद प्रकाश को मालूम हुआ वह समझ गये कि वह कभी भी न केवल पार्टी से निकाले जा सकते हैं अपितु पार्टी और भी सख्त कार्रवाई कर सकती है. वह जानते हैं कि भ्रष्टाचार से अगर कोई बचा सकता है तो वह भारतीय जनता पार्टी ही है. ऐसे में निश्चित रूप से उनके सारे पाप (भ्रष्टाचार के आरोप) धुल जायेंगे. वह बिल्कुल पवित्र हो जायेंगे. इसी सन्दर्भ में उन्होंने संदीप कुमार को भी लगे हाथ सलाह दे डाली कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाये तो वह भी पवित्र हो जायेंगे.

वेद प्रकाश आम आदमी पार्टी में इस भ्रष्टाचार के लिए कोई संरक्षण के बजाय खतरा महसूस कर रहे थे. जब आम आदमी पार्टी में अपने बचने का कोई उपाय नहीं देखा तो आम जनता से गद्दारी कर पाला बदल लिये और भारतीय जनता पार्टी में जा मिले. वेद प्रकाश न केवल आम आदमी पार्टी से गद्दारी कर अपना पाला बदल लिये बल्कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के साथ भी गद्दारी किये हैं. निश्चित रूप से वे कमजोर और भ्रष्ट साबित हुए.

एक बार फिर आम आदमी पार्टी खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ और आम जनता की उम्मीदों पर खड़ी साबित की है. देश में भ्रष्ट पार्टियों के बीच एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है. वहीं भ्रष्टाचार की गंगोत्री कांग्रेस से कई कदम आगे जाकर भारतीय जनता पार्टी ने खुद को भ्रष्टाचार का पर्वत साबित कर दिया.

Previous Post

पटियाला हाऊस कोर्ट में केजरीवाल और टीम की हत्या की धमकी के मायने

Next Post

जी.एस.टी. बिल: काली रात, काले कारनामें

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

जी.एस.टी. बिल: काली रात, काले कारनामें

Comments 1

  1. cours de theatre paris says:
    8 years ago

    Hey, thanks for the article.Much thanks again. Great.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

केन्द्र सरकार के फासीवादी दुश्प्रचार और षड्यंत्र

June 18, 2018

आज मार्क्स की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक है !

June 24, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

March 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

March 7, 2026

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.