Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

Jio : भारत के पूरे टेलीकॉम मार्केट को धराशायी करके एकल राज कायम करने की दीर्घकालीन नीति

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 23, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Jio : भारत के पूरे टेलीकॉम मार्केट को धराशायी करके एकल राज कायम करने की दीर्घकालीन नीति

BSNL और Jio का पूरा मामला केवल सस्ती कॉल दरों और सस्ते नेट पैक का भर नहीं है … बल्कि यह भारत के पूरे टेलीकॉम मार्केट को धराशायी करके एकल राज कायम करने की दीर्घकालीन नीति है. Jio के आने से पहले भारत के मार्केट में कुल 12 टेलीकॉम कंपनियां थीं, अब केवल 5 (Jio, Vodafone, Airtel, Idea and BSNL) ही बची हैं. बाकी की सात कंपनियां जैसे RCom, Aircel, Shyam Telecom वगैरा जियो का मुकाबला नहीं कर पाने की वजह से बन्द हो गईं. इन बन्द हुई कंपनियों के कारण बैंकों (यानी सरकार) के माथे पर 6 लाख करोड़ का NPA चिपक गया. ज़ाहिर है कि आज नहीं तो कल ये छः लाख करोड़ करदाताओं की (यानी हमारी) जेब से ही जाने हैं.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

Jio कम्पनी ने अपनी सेवाएं (??) सितम्बर 2016 से शुरू की हैं, और आज की तारीख तक सरकार को स्पेक्ट्रम / इनकम टैक्स के रूप में एक पैसा भी नहीं दिया है, क्योंकि अभी तक Jio कम्पनी ने कागजों पर खुद को “घाटे में चल रही” कंपनी दर्शाया है. स्पेक्ट्रम / आयकर केवल प्रॉफिट पर लगाया जाता है.

दूसरी बात… Jio कम्पनी के मुकेश मोटा भाई ने आम जनता को लगभग चालीस करोड़ मोबाईल हैंडसेट बांटे हैं, जो कि उन्होंने “सुरक्षा निधी” लेकर दिए हैं, “बेचे” नहीं हैं. ज़ाहिर है कि सुरक्षा निधि पर GST नहीं लगता, केवल बेचने पर लगता है. इस हिसाब से सरकार को हुआ संभावित और अनुमानित नुक्सान इस प्रकार है : Rs. 1500/- प्रति हैंडसेट X 40 करोड़ हैंडसेट x 18% GST = Rs. 10,800 करोड़. (अर्थात सरकार को यह “चूना”, नियमों के तहत, पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाकर लगाया गया है).

जो सात टेलीकॉम कंपनियां बन्द हुई हैं, उनके कारण टेलीकॉम सेक्टर में भीषण बेरोजगारी फ़ैली है. लगभग दो लाख प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष इंजीनियर और तकनीशियन अपनी नौकरी खो चुके. Jio की “सस्ता बेचो” नीति के कारण वोडाफोन, एयरटेल, आइडिया और BSNL भीषण घाटे में चले गए हैं, इसलिए ज़ाहिर है कि ये चारों कंपनियां भी Jio की तरह स्पेक्ट्रम शुल्क एवं आयकर नहीं भर रही हैं…. यह बोझ भी सरकार के (यानी हमारे माथे) ही है.

अब आप स्वयं हिसाब लगा लीजिए, कि “सस्ता Jio” (जिसे एक आक्रामक बाज़ार रणनीति के तहत जानबूझकर आपको सस्ता बेचा जा रहा है) आप की जेब पर… और खासकर अप्रत्यक्ष रूप से भविष्य में आपकी जेब पर… कितना डाका डाल चुका होगा, कितना चूना लगा चुका होगा… यह भी विचार कीजिए कि जब टेलीकॉम मार्केट में “अकेला जियो” रह जाएगा, तब उसकी कॉल/इंटरनेट दरें क्या होंगी ??

यह भी विचार कीजिएगा कि लंबे समय से लगातार मांग किए जाने के बावजूद BSNL जैसी सरकारी कंपनी को 4G का लाईसेंस और बड़ा स्पेक्ट्रम क्यों नहीं दिया जा रहा है ??

  • BSNL के एक भूतपूर्व कर्मचारी द्वारा लिखा गया लेख (नावेद आलम तिवारी के वाल से साभार)




Read Also –

मोदी का अंबानीनामा : ईस्ट इंडिया कंपनी-II
अंबानी : एक समानान्तर सरकार
अंबानी की मानहानि यानि चोरों की सीनाजोरी




[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]



Previous Post

क्या 2019 चुनाव का मुद्दा बेरोजगारी होगा ?

Next Post

भारतीय राजसत्ता आतंकवादियों को संरक्षण देने में पीछे है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

भारतीय राजसत्ता आतंकवादियों को संरक्षण देने में पीछे है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मुख्यधारा की दलाल-बिकाऊ मीडिया पर भारी छोटी वैकल्पिक मीडिया

October 10, 2017

आप सोचते ही कहांं हो…

September 1, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.