आभा शुक्ला आज़म खान साहब को जिस हेट स्पीच मामले में 3 साल की सज़ा सुना कर विधानसभा की सदस्यता छीनी गई थी..., शिकायतकर्ता अनिल चौहान ने उस शिकायत को वापस ले लिया है... चौहान ने कोर्ट में बताया कि 'मैंने DM आंजनेय सिंह के दबाव में शिक़ायत की थी.' ...जिसकी आजम खान से निजी खुन्नस थी... 2 दिन पहले ही आज़म खान को सज़ा मामले में अदालत ने बरी किया था...लेकिन अब शिकायतकर्ता ने भी अपने ज़मीर और शासन प्रशासन की पोल खोल दी है... लेकिन अब फ़िर सवाल उठता है कि जिस फ़र्ज़ी केस में सज़ा सुनाने के बाद आज़म खान की विधानसभा की सदस्यता छीनी गई थी, क्या वह लौटाई जायेगी...? DM आंजनेय सिंह और शिकायतकर्ता के विरुद्ध क्या एक्शन होगा...? अब समझिए आप...! ये भी एक डीएम हैं..., जिनके यूपीएससी में पास होने पर इनकी जाति वालों ने जाति देख कर बधाई दी होगी...! इनको अपनी जाति और क्षेत्र का गौरव बताया गया होगा...! अब इन डीएम साहब की धूर्तता की जिम्मेदारी क्या इनके सब जाति वाले लेंगे...? क्या डीएम साहब को पूरी जाति और क्षेत्र पर कलंक माना जायेगा...? चलो शुरू हो जाओ भाई जाति वालों...!!