ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने धरने पर बैठी महिला पहलवानों की अस्मत पर हाथ डाल दिया हो तो…किम आश्चर्यम ?

फरीदी अल हसन तनवीर क़सम से अमितशाह जी की गृहमन्त्रित्व वाली दिल्ली पुलिस ने धरने पर बैठी महिला पहलवानों की...

संभव है कि…

संभव है कि तुम्हारे द्वारा की गई हत्या के जुर्म में मुझे फांसी पर लटका दिया जाए यह भी संभव...

मायका…!

फोटो मम्मी के मायके के जंगलों की है, बिनसर, देवलीखेत रानीखेत जंगलों ने गीत गुनगुनाती हुई स्त्रियों को ठहाका मारकर...

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