ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

सत्ता जब अपने ही नागरिकों पर ड्रोन से बमबारी और हेलीकॉप्टर से गोलीबारी कर रहा है तब ‘हिंसक और खूंखार क्रांति हुए बिना ना रहेगी’ – गांधी

अमित शाह के उकसाने के बाद पुलिसिया ड्रोन हमले के विरोध में धरना पर बैठे ग्रामीण सीपीआई (माओवादी) की संगठित...

अन्वेषण

पड़ी हुई जमी हुई राख को धीरे-धीरे कुरेदना अच्छा लगता है मन को लगता है मिल रही है जीवन दृष्टि...

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