ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

बेवकूफ लोग गुरू खोजते हैं क्योंकि भारत में गुरु के नाम पर उगे हैं गुरुघंटाल

प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी, हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष, कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता सुनने और पढ़ने में अटपटा लग सकता है लेकिन...

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