आपबीती दास्तान – फैज़ अहमद फ़ैज़
हाल ही में फ़ैज़ का जन्मशती वर्ष खत्म हुआ है, इस मौके पर हिन्दी में जनवादी लेखक संघ की पत्रिका...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
हाल ही में फ़ैज़ का जन्मशती वर्ष खत्म हुआ है, इस मौके पर हिन्दी में जनवादी लेखक संघ की पत्रिका...
प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी, हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष, कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता सुनने और पढ़ने में अटपटा लग सकता है लेकिन...
मलखान सिंह और उनकी कविताएं इधर मुकाबले में पहले के ब्राह्मण से आज का ब्राह्मण भिन्न हुआ है. स्वीकार-अस्वीकार के...
पिछले दिनों समाचार एजेंसी ‘स्क्रॉल’ द्वारा प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार असम में आधार नंबर और राशन कार्ड को जोड़ने...
दुर्गा-महिषासुर पर लिखी गई कहानियां कोरी गप्प है ? दुर्गा शादीशुदा है या कुंआरी ? यदि शादीशुदा है और लोग...
पीएफआई पर प्रतिबंध तो आरएसएस पर क्यों नहीं ? केन्द्र की आरएसएस एजेंट मोदी सरकार ने पीएफआई जैसे संगठनों पर...
एक जरूरतमंद रोगी मंदिर में मन्नत मांगते हुए - 'हे ईश्वर मेरी कब सुनोगे ! 4 महीने हो गए आपके...
भारत प्रति व्यक्ति 2000 डॉलर की अर्थव्यवस्था है ? विदेश मंत्री जय शंकर का यह ताज़ा बयान कि भारत प्रति...
अगर आंकड़ों की बात करें तो सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि...
याकोव स्वर्दलोव के निधन पर लेनिन द्वारा दिया गया भाषण कामरेड्स ! आज जब सभी देशों के मजदूर पेरिस कम्यून...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.