क्योंकि हम नशे में हैं
होश में आये तो जाना कि हम होश में नहीं हैं हमें संखिया की बुरी लत है होश में होते...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
होश में आये तो जाना कि हम होश में नहीं हैं हमें संखिया की बुरी लत है होश में होते...
दो रास्ते 1920 में कॉमिन्टर्न की दूसरी कांग्रेस ने इंगित किया था, संसद ने विकसित होते पूंजीवाद के दौर में...
कार्टून - हेमन्त मालवीय भाजपा और उसके थिंकटैंक न केवल भारत में ही बल्कि सारी दुनिया में गाली का पर्याय...
हिमांशु कुमार केन्द्रीय भारत के आदिवासी की अर्थव्यवस्था कुछ ऐसी है. वह बरसात में खरीफ में धान की फसल लेता...
माओवादी विद्रोही को वियतनामी गुरिल्ला युद्ध में खासा दिलचस्पी है क्योंकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष माओ त्से-तुंग के बाद...
सौमित्र राय प्रधानमंत्री पगला गए हैं. हेलिपैड पर शून्य में हाथ हिलाने और सायकल पर बम की झूठी बात कहने...
रविश कुमार महंगाई के समर्थकों के अच्छे दिन आने वाले हैं. उन्हें फिर से मध्यम वर्ग को गर्व से समझाने...
विष्णु नागर चुनाव के दिन. लखनऊ से दिल्ली तक का सिंहासन डोलने के दिन। जिन्हें पांच साल तक लात मारी,...
गिरीश मालवीय हद ही हैं, एक तरफ रिजर्व बैंक के गवर्नर कह रहे हैं कि क्रिप्टो करेंसी पोंजी स्कीम जैसी...
रवीश कुमार राजनीति और पत्रकारिता में भाषा की नैतिकता के सारे नियम ध्वस्त हो चुके हैं. किसने शुरूआत की और...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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