ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

दुसरे इंसानों को खराब नीचा और गलत बता कर आप अच्छे ऊंचे और सही नहीं माने जायेंगे

हिमांशु कुमार आपने विज्ञापन देखे होंगे. कम्पनियां अपना माल बेचने के लिए आपकी भावनाओं को संतुष्ट करने वाले विज्ञापन बनाती...

‘धर्म संसद’ का पागलपन : एक महान लोकतंत्र को एक कट्टर और निकृष्ट राष्ट्र में बदलने का षडयंत्र

कृष्ण कांत पूरी दुनिया के मीडिया में हरिद्वार में हुए 'असंसदीय अधर्म' की चर्चा है. दुनिया के सारे प्रमुख अखबार...

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