बंधक सपनों का अतीत
रेत में लहराती है समुद्र की अथाह संभावना सूखे भोजपत्र पर क्या लिखूं मौसम के नाम अंधेरे की छाती से...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
रेत में लहराती है समुद्र की अथाह संभावना सूखे भोजपत्र पर क्या लिखूं मौसम के नाम अंधेरे की छाती से...
मोदी राज में हर कार्य ऐतिहासिक होता है. इससे कम तो बिल्कुल नहीं. पेट्रोल की कीमत अगले वर्ष 200 रूपये...
खाद के लिए भीखमंगों की तरह लाइन मे लगा दिया किसानों को ये इनकी कुन्ठा है इससे ये खुश होते...
An artist’s rendition of Mahatma Gandhi’s sedition trial on 18 March 1922. कृष्ण कांत मार्च, 1922 में महात्मा गांधी पर...
मूर्तियों को पूजने के बजाय मानवता को पूजता हूं मैं ! काल्पनिक देवताओं को न मानकर, शफुले साहू अम्बेडकर को...
कुछ लोग मुझे इसलिए छोड़े कि मैं उनके जैसा उनके जितना उतना अच्छा नहीं था वे लोग मुझे ज्यादा छोड़े...
रविश कुमार जनता कहां प्रदर्शन करेगी, क्या उस शहर में प्रदर्शन नहीं होगा जहां कोई मैदान या बड़ा पार्क नहीं...
भाजपा के उपेक्षित नेता वरुण गांधी ट्वीट करते हैं : उत्तर प्रदेश के किसान श्री समोध सिंह पिछले 15 दिनों...
कपाल क्रिया से लौट कर ब्रह्म भोज में शामिल होने के बीच ब्राह्मण भोजन का रिवाज है. मृतक की...
बलात्कारी वीर सावरकर विश्व इतिहास के पहले वीर योद्धा थे जिसका हथियार बलात्कार था. इस बलात्कारी योद्धा के बलात्कार करने...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.