ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

अपराध

देश के एक व्यक्ति पर केस दर्ज हुआ. उसे अदालत में पेश किया गया. न्यायाधीश ने कहा - 'तुम पर...

पत्रकार

पत्रकारों की भीषण बाढ़ है फूली फूली पत्रकारों की क्षत विक्षत सड़ी गली लाशें महक रहीं हैं इधर उधर महामारी...

भारत में कोई भारतीय नहीं है, वे बीमार और भ्रष्ट संस्कृति के वाहक हैं

दुनिया के भ्रष्टाचार मुक्त देशों में शीर्ष पर गिने जाने वाले न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ब्रायन ने भारत में व्यापक...

जनता और गधा

बंद दुकान के थड़े पर बैठे दो बूढ़े आपस में बातें करते हुए हंस-हंस कर लोट-पोट हो रहे थे कि...

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