ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

विकास मतलब जंगल में रहने वाले की ज़मीन छीन लो और बदमाश को दे दो

हिमांशु कुमार, प्रसिद्ध गांधीवादी कार्यकर्ता सलवा जुडूम से पहले बस्तर में मात्र चार सौ पूर्णकालिक माओवादी थे लेकिन जब आदिवासियों के...

Page 322 of 522 1 321 322 323 522

Recommended

Don't miss it