ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

इक्वाडोर के क्रांतिकारी पार्टी की ‘लोकप्रिय एकता’ के सबक

इक्वाडोर की सरकार द्वारा गैर कानूनी घोषित क्रांतिकारी पार्टी PCMLE (मार्क्सवादी-लेनिनवादी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इक्वाडोर) भूमिगत रहते हुए अपने विभिन्न...

‘मैं आखिरी स्टालिनवादी पीढ़ी से हूं’

पूंजीवादी और उसकी चरम अवस्था साम्राज्यवादी व्यवस्था कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा लिखित कम्युनिस्ट घाषणापत्र से जितना कांपता है,...

अपनी नस्लों को गुलामी की बेड़ियों से बचाने का एक मात्र उपाय है – किसान आंदोलन की जीत

मौजूदा जारी किसान आंदोलन को नष्ट करने, बदनाम करने हेतु भ्रष्ट और कॉरपोरेट घरानों के नौकर मोदी-शाह गैंग्स का हमला...

‘खैरमकदम’ से शुरू होकर ‘मुर्दाबाद’ तक पहुंचने में कई वर्ष लग गए इन बाबू लोगों को

हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना अपनी हड़ताल के दौरान बैंकों के बाबू लोग नारे लगाते देखे गए -...

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