पागलखाना प्रसंग (लघुकथाएं)
पागलखाना प्रसंग (लघुकथाएं) जब पागल खाने का दरवाजा टूटा तो पागल निकाल कर इधर-उधर भागने लगे और तरह-तरह की बातें...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
पागलखाना प्रसंग (लघुकथाएं) जब पागल खाने का दरवाजा टूटा तो पागल निकाल कर इधर-उधर भागने लगे और तरह-तरह की बातें...
दंगा-हत्याएं और संघ : बांद्रा बनाम बहराइच विजय शर्मा मुंबई के बांद्रा और यूपी के बहराइच की दो अलग-अलग घटनाओं...
कलिंगनगर नरसंहार : इसे पूरा पढ़ें और सोचें कि इस पर रतन टाटा क्या जिम्मेदार नहीं थे ? इन्दरा राठौड़...
एक सेठ जी एक करोड़ रूपया नगद लेकर ट्रेन में सफर कर रहे थे. अपने आप को सुरक्षित करने के...
बोधिसत्व : एक अकविताई दृष्टिकोण कृष्ण समिद्ध देखा जाये तो कविता में कविता के होने की कई जगहें होती हैं...
हवाई बमबारी की विभीषिका : पिछले एक साल से इज़राइल फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है. 1 अक्टूबर को...
- जी. एन. साईबाबा किस जुर्म में जेल में रहे ? - वे अंग्रेजी के विद्वान थे. - मैं उनकी...
युग प्रभात के ओजस्वी स्तम्भ प्रो. साईबाबा को बुलन्द सैल्यूट समाजसेवी व मानवाधिकार कार्यकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक 57...
देखिये इस जिद्दी शख्स को... हर खासो आम जाने व्हील चेयर पर जीवन बसर करने वाला यह शिक्षक 54 इंच...
कॉमरेड जी. एन. साईबाबा की शहादत, भाजपा सत्ता द्वारा की गई संस्थानिक हत्या है रितेश विद्यार्थी पहली बार 2010 में...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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