ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

आंदोलन के गर्भ से पैदा हुआ संविधान, सत्ता के बंटवारे पर आकर अटक गई

  विनय ओसवाल, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक इस लेख का उद्देश्य ‘सामाजिक आंदोलन’ शब्द को सही अर्थ में व्याख्यायित करने के लिए समाजशास्त्रियों, राजनीतिज्ञों,...

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