बिहार में वामपंथियों के गढ़ एक-एक कर क्यों ढ़हता चला गया ?
ए.एन. समाज अध्ययन संस्थान के निदेशक और समाजशास्त्री डॉ. डी.एम. दिवाकर का मानना है कि बिहार में वामपंथी अपने एजेंडे...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
ए.एन. समाज अध्ययन संस्थान के निदेशक और समाजशास्त्री डॉ. डी.एम. दिवाकर का मानना है कि बिहार में वामपंथी अपने एजेंडे...
जब 1990-91 में कांग्रेस ने खोले लूट की छूट के दरवाजे तो कैसे बढ़ती गई अरबपतियों की संख्या और भाजपा...
देश के सरकारी बैंकों का एनपीए तेजी से बढ़कर 10 लाख करोड़ के पार जाने वाला है, इस एनपीए...
लाखों करोड़ रूपये देश के धन्नासेठों खासकर अंबानी घरानों को बांटने के बाद देश के खाली हो चुके खजाने को...
माओ त्से-तुङ सिर्फ चीनी जनता के लम्बे क्रान्तिकारी संघर्ष के बाद लोक गणराज्य के संस्थापक और समाजवाद के निर्माता ही...
उत्तर भारतीय पिछले 18 सालों से बड़ी तेजी से रोजगार की तलाश में औद्योगिक प्रदेशों और महानगरों की ओर भाग...
विनय ओसवाल, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक हिन्दुस्तान को कांग्रेस मुक्त बनाना मोदी जी के बूते की बात नही हैं, लोगों के बीच ऐसे...
यहां सवाल सत्ता के लिये बिक कर राजनीति करने वाले क्षत्रपों की कतार भी कितनी पाररदर्शी हो चुकी है और...
1857 का विद्रोह और बहुजन 1857 के गदर को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम बताया जाता है. यह मत भारत...
सरकार के मन की बात बैंककर्मियों ने खूब सुनी और रगड़ कर काम भी किया. सरकार किसे अपना मानती है...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.