पुलिस कब सुधरेगी, यह कोई आरोप नहीं है, टिप्पणी है
पुलिस कब सुधरेगी, यह कोई आरोप नहीं है, टिप्पणी है विष्णु नागर अभी इसी हफ्ते एक अखबार की मुख्य खबर...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
पुलिस कब सुधरेगी, यह कोई आरोप नहीं है, टिप्पणी है विष्णु नागर अभी इसी हफ्ते एक अखबार की मुख्य खबर...
भारत का फासिज्म इटली और जर्मनी के फासिज्म से भिन्न है जगदीश्वर चतुर्वेदी भारत का फासिज्म इटली और जर्मनी के...
कहा जाता है एक बुरा आदमी अगर कोई भी अच्छी बात भी कहे तो ठहरकर दो बार सोचना चाहिए. ठीक...
जाति, धर्मों में विभाजित देश में मेहनतकशों की जनक्रान्ति नन्द किशोर सिंह मेरी समझ से धर्म एवं जाति आधारित राजनीति...
ज्योतिषियों का पोंगापंथ और शनि का अंधविश्वास जगदीश्वर चतुर्वेदी शनि को लेकर पोंगापंडितों ने तरह-तरह के मिथ बनाए हुए हैं...
राजीव घुटे हुए पॉलिटिशियन नहीं थे, उनकी निगाह 21वीं सदी के भारत निर्माण पर टिकी होती थी 30 जुलाई 1987...
अंधविश्वासों के खिलाफ जागरूकता बेहद जरूरी है जगदीश्वर चतुर्वेदी अंधविश्वास सामाजिक कैंसर है. अंधविश्वास ने सत्ता और संपत्ति के हितों...
जरूरत है महान व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की विरासत को आगे बढ़ाने की मुनेश त्यागी 'मैं ईसा की तरह सूली पर...
जाति और धर्म के समाज में प्रगतिशीलता एक गहरी सुरंग में फंसा है इन्दरा राठौड़ जाति और धर्म के समाज...
डिमोशन-प्रमोशन एक व्यक्ति ने मुसलमान के घर खाना खा लिया तो गांव के पंडित ने उसके पिताजी से कहा -...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.