संदेश रासक : कापालिकों की भी देश में कहीं इज्जत थी
संदेश रासक : कापालिकों की भी देश में कहीं इज्जत थी चंद्रभूषण हाथ में खोपड़ी लिए सड़क पर समूह में...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
संदेश रासक : कापालिकों की भी देश में कहीं इज्जत थी चंद्रभूषण हाथ में खोपड़ी लिए सड़क पर समूह में...
फिलिस्तीनी कविता : जंग के एक बरस बाद हम हाजिर हैं... (तस्वीर : cartoonmovement.com से) जंग के एक बरस बाद...
सिंध का बंटवारा पंजाब और बंगाल से अलग है ! अनिल जनविजय सिंध को हमसे बिछड़े 75 से अधिक बरस...
आदमख़ोरों के नाम पत्र प्यारे आदमख़ोरों मत खीजो उस आदमी पर जो रेल के डिब्बे में महज़ बैठने की जगह...
राम अयोध्या सिंह संघियों और भाजपाईयों के दिलोदिमाग में सांप्रदायिकता का जहर इस कदर गहरे बैठा है कि वे बिना...
कुर्सी का नॉन-बॉयोलॉजिकल पुजारी आजकल उसे अक्सर ही यह सपना आता है कि किसी ने उसे उसकी कुर्सी से धक्का...
घास काटकर नहर के पास, कुछ उदास-उदास सा चला जा रहा था गरीबदास. कि क्या हुआ अनायास... दिखाई दिए सामने...
संक्षिप्त जीवनी : भारतीय क्रान्ति के महानायक चारु मजुमदार चारु मजुमदार का जन्म बनारस में सन् 1917 में हुआ था....
आसान है करना प्रधानमंत्री की आलोचना मुख्यमंत्री की करना उससे थोड़ा मुश्किल विधायक की आलोचना में ख़तरा ज़रूर है लेकिन...
'उस आदमी की शिक्षा भी वैसी ही है, जैसे उसके कपड़े हैं. कोई नहीं. मुझे नग्नता से कोई समस्या नहीं...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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