अभावों में भी क्रांतिकारी गीतों की मशाल जलाते रहे शंकर शैलेंद्र
अभावों में भी क्रांतिकारी गीतों की मशाल जलाते रहे शंकर शैलेंद्र मुनेश त्यागी तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
अभावों में भी क्रांतिकारी गीतों की मशाल जलाते रहे शंकर शैलेंद्र मुनेश त्यागी तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत...
अभिसारिका सोचो कि तुम सज धज कर मुझसे मेरे घर मिलने आई हो पहली बार और मैं तुम्हें वहां ब्रुकलिन...
'कंगना में मीराबाई जैसी भक्ति है, महारानी पद्मिनी का तेज है और विरोधियों से जुझने के लिए रानी लक्ष्मीबाई जैसा...
पत्थलगड़ी कमलेश बिसराम बेदिया सब जानता है. नदी-नाला, जंगल-पहाड़ और पेड़-पौधे सबके बारे में. आप छोटानागपुर के किसी भी इलाके...
खजाना बाबा ने रिमजू के घर चप्पे चप्पे का मौका मुआयना किया. दीवारें कुरेद-कुरेद कर सूंघी, मिटटी को उठाकर उसे...
आखिरी वजूद पर सिमटता यूक्रेन : यूक्रेनी सेना का रूसी क्षेत्र कुर्स्क पर कब्जे का सच और जेलेंस्की का युद्ध...
सीखने के लिए आप किस चरित्र को चुनते हैं, आपका चयन है... तो एक दिन लैपटॉप खोला...ब्लैंक वर्ड फाइल दी...
पुलिस कब सुधरेगी, यह कोई आरोप नहीं है, टिप्पणी है विष्णु नागर अभी इसी हफ्ते एक अखबार की मुख्य खबर...
भारत का फासिज्म इटली और जर्मनी के फासिज्म से भिन्न है जगदीश्वर चतुर्वेदी भारत का फासिज्म इटली और जर्मनी के...
कहा जाता है एक बुरा आदमी अगर कोई भी अच्छी बात भी कहे तो ठहरकर दो बार सोचना चाहिए. ठीक...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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