ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

कविता

कविता - कवि कहते हैं, होना चाहिए प्रेम प्रतिज्ञा अपने महबूब के प्रति. वर्णन हो, उसके अंग-प्रत्यंग का. नख से...

लूटेरी काॅरपोरेट घरानों के हित में मोदी की दलाली, चापलूसी की विदेश-नीति

लूटेरी काॅरपोरेट घरानों की दलाली, चापलूसी यौं तो अर्द्ध-औपनिवेशिक देश का चरित्र धारण किये भारत की विदेश-नीति दलाली की ही...

अमेरिका और इजराइल का हमसफ़र : विश्व नेता बनने की सनक में देश को शर्मसार न कर दें मोदी !

मोदी नीतिकारों को धक्का तो लगेगा लेकिन विश्व भर में मीडिया इस शुक्रवार को जर्मनी में जी-20 शिखर सम्मेलन में...

विदेशी निवेश के घातक प्रभाव: विदेशी कम्पनियों के “डैमेज कन्ट्रोल” की मांग

भारत जैसे विशाल बाजार को अन्तर्राष्ट्रीय बजार के सामने खुला छोड़ने और विदेशी निवेशकों को लाल कालीन बिछा कर देश...

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