ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

पोस्टमार्टम

करंज के पेड़ों से लटके हुए शव हैं या अज्ञातवास में जीते पांडवों के हथियार पौरुष जब परिस्थितियों का स्वैच्छिक...

नेशन फर्स्ट, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्र के लिए बलिदान आदि शब्दों पर फिसलता हुआ देश गैंगस्टर कैपिटलिज्म में जा गिरा

नेशन फर्स्ट, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्र के लिए बलिदान आदि शब्दों पर फिसलता हुआ देश गैंगस्टर कैपिटलिज्म में जा गिरा हेमन्त कुमार...

स्वामी सहजानंद सरस्वती की आत्मकथा ‘मेरा जीवन संघर्ष’ उनके जीवनकाल में क्यों प्रकाशित न हो सका ?

स्वामी सहजानंद सरस्वती की आत्मकथा 'मेरा जीवन संघर्ष' उनके जीवनकाल में क्यों प्रकाशित न हो सका ? कैलाश चंद्र झा,...

अदिति…

अदिति... धीरे धीरे मेरी बांई आंख की रोशनी जा रही है मेरी वामा अब दक्षिणावर्त है सूर्य के उत्तरायण होने...

पेपर लीक मामले की पड़ताल : बाजार में खड़ा प्रतियोगिता परीक्षा और उसका रिजल्ट

पेपर लीक मामले की पड़ताल : बाजार में खड़ा प्रतियोगिता परीक्षा और उसका रिजल्ट लोकसभा में जैसे-तैसे सरकार बनाने वाली...

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