‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity मनीष आज़ाद कल ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री’ का ऑस्कर अवार्ड प्राप्त करते हुए...
Read moreDetails'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी मनीष आज़ाद 14 फरवरी को विकी कौशल अभिनीत फिल्म...
Read moreDetailsमौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता । मूल्य 250/रूपये, प्रकाशन: न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, अनुवाद: अमिता...
Read moreDetails‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ मनीष आजाद 1955 में प्रकाशित, ‘उआन रुल्फो’ (Juan Rulfo) के मशहूर...
Read moreDetails'My Name Is Selma' : यह सिर्फ़ उस यहूदी महिला की कहानी भर नहीं है… 98 साल की उम्र में...
Read moreDetailsआउट ऑफ दिस अर्थ : खनन कम्पनियों व पूंजीवाद के काम करने के तरीकों और जनप्रतिरोध की तीखी पड़ताल मनीष...
Read moreDetails‘मैं मानता हूं कि जब तक एक भी व्यक्ति जेल में है, मैं भी जेल में हूं. जब तक एक...
Read moreDetailsनवनीत पांडेय : 'भले ही हम थोड़े हैं पर हथौड़े हैं' इन्दरा राठौड़ यदि पाने की महत्वाकांक्षा से आप मुक्त...
Read moreDetailsक्रांतिकारी कवि वरवर राव की नजरबंदी त्रासदपूर्ण अन्याय रही ! इंदरा राठौड़ सत्ता की कान में आसानी से कोई जूं...
Read moreDetails'संकोफ़ा' : क्योंकि इतिहास कभी अलविदा नहीं कहता... मनीष आजाद ‘ओपन वेन्स ऑफ लैटिन अमरीका’ जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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