रवीश कुमार, मैग्सेसे अवार्ड विजेता अन्तराष्ट्रीय पत्रकार रामधारी सिंह दिनकर की एक किताब है - लोकदेव नेहरू. लोकभारती प्रकाशन से छपी...
Read moreDetails1848 में कार्ल मार्क्स-फ्रेडरिक एंगेल्स के लिखे बीजक 'कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो' के बाद, 'प्रकृति और समाज विज्ञान' की सारी - जी...
Read moreDetailsसिरसा के दशहरा मैदान में कृषि बिल का विरोध करते किसान हरियाणा में कृषि बिल का कड़ा विरोध हो रहा...
Read moreDetailsप्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थाओं में प्रवेश की अखिल भारतीय परीक्षा ‘जी' में वास्तव में शामिल परीक्षार्थियों के आंकड़े दिखाने के लिए...
Read moreDetailsअपने स्कूलों व शिक्षण संस्थाओं में लगातार बदलाव होता रहा है, जिसका सिलसिलेवार अध्ययन विकासक्रम को समझने में बेहद सहायक...
Read moreDetailsमात्र 20 वर्ष पहले बोलिविया ने निजीकरण की रफ्तार पकड़ी. सब कुछ निजीक्षेत्र को दिया जाने लगा. आखिरकार सरकार ने...
Read moreDetailsसुब्रतो चटर्जी भूख पाशविक है, रुचि मानवीय है. इस छोटे से फ़र्क़ को बिना समझे किसी भी मनुष्य के सामाजिक,...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता एक बार मैं सोनी सोरी वाले मामले की सुनवाई के लिये सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ...
Read moreDetailsलो अतीत से उतना ही, जितना पोषक है जीर्ण-शीर्ण का मोह, मृत्यु का ही द्योतक है. - द्वारिका प्रसाद माहे...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना हाथरस जैसी घटनाएं सिर्फ इसका संकेत नहीं हैं कि दलित आज भी कितने...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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