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क्या लोकतांत्रिक नेता और तानाशाह नेता, दोस्त हो सकते हैं ?

रवीश कुमार, मैग्सेसे अवार्ड विजेता अन्तराष्ट्रीय पत्रकार रामधारी सिंह दिनकर की एक किताब है - लोकदेव नेहरू. लोकभारती प्रकाशन से छपी...

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अखिल भारतीय परीक्षा ‘जी’ : दौड़ से बाहर होते वंचित

प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थाओं में प्रवेश की अखिल भारतीय परीक्षा ‘जी' में वास्तव में शामिल परीक्षार्थियों के आंकड़े दिखाने के लिए...

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जिंदगी की सार्थकता हमारे छोटे-छोटे चुनावों में निहित है

सुब्रतो चटर्जी भूख पाशविक है, रुचि मानवीय है. इस छोटे से फ़र्क़ को बिना समझे किसी भी मनुष्य के सामाजिक,...

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राष्ट्रवाद का बुखार और पड़ोसी मुल्कों से नफरत ने देश को बर्बाद कर दिया

हिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता एक बार मैं सोनी सोरी वाले मामले की सुनवाई के लिये सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ...

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घृणित संघी राष्ट्रवाद के बजाय ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ आज का सच है

लो अतीत से उतना ही, जितना पोषक है जीर्ण-शीर्ण का मोह, मृत्यु का ही द्योतक है. - द्वारिका प्रसाद माहे...

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हाथरस : कानून-व्यवस्था शक्तिशाली जमातों के चंगुल में

हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना हाथरस जैसी घटनाएं सिर्फ इसका संकेत नहीं हैं कि दलित आज भी कितने...

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