गुरूचरण सिंह 13 फरवरी, 1927 को अपने दौर के मशहूर अर्थशास्त्री बी. एफ. मदान को 13 फरवरी, 1927 को एक...
Read moreDetailsजब आप अपनी रोजी-रोटी छोड़कर, सड़कों पर लड़ रहे थे, तब आपका एंकर, अपने स्टूडियो में क्या कर रहा था...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह लोकशाही एक ऐसी व्यवस्था है जिसे कुछ समझदार और नेकनीयत लोगों ने तमाम देशवासियों की भलाई के लिए...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह कोई पांच दशक पहले की बात है ! पूर्वी पाकिस्तान (अब बंगलादेश) में बंगालियों के मुक्ति संग्राम को...
Read moreDetailsगृह मंत्री ने कहा है कि सरकार CAA पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी. कैसे हटे ? क्योंकि पीछे...
Read moreDetailsएक औरत माइक पर बुलंद आवाज में कह रही थी, “अमित शाह ने कहा है कि वह सीएए (नागरिकाता संशोधन...
Read moreDetailsरविश कुमार, मैग्सेस अवार्ड प्राप्त जनपत्रकार पूरी दुनिया में भारत की पहचान का अगर कोई ब्रांड अंबेसडर है तो वह...
Read moreDetailsक्षत्रिय अपने नाम के अंत में 'सिंह' क्यों लिखते हैं ? यदि हिन्दुओं में नामकरण की पद्धति को देखा जाए...
Read moreDetailsआरएसएस और बीजेपी द्वारा परिभाषित राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व पर आज देश भर में बहस चल रही है. लोकप्रियता को देखते...
Read moreDetailsरविश कुमार, मैग्सेस अवार्ड प्राप्त जनपत्रकार काश आप इस एक पैराग्राफीय संबोधन को पढ़ते और सोचते. भारत का एक ही...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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