रविश कुमार, मैग्सेस अवार्ड प्राप्त जनपत्रकार पूरी दुनिया में भारत की पहचान का अगर कोई ब्रांड अंबेसडर है तो वह...
Read moreDetailsक्षत्रिय अपने नाम के अंत में 'सिंह' क्यों लिखते हैं ? यदि हिन्दुओं में नामकरण की पद्धति को देखा जाए...
Read moreDetailsआरएसएस और बीजेपी द्वारा परिभाषित राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व पर आज देश भर में बहस चल रही है. लोकप्रियता को देखते...
Read moreDetailsरविश कुमार, मैग्सेस अवार्ड प्राप्त जनपत्रकार काश आप इस एक पैराग्राफीय संबोधन को पढ़ते और सोचते. भारत का एक ही...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह बड़े-बडे़ दावों के बावजूद, रेलवे सुरक्षा एनडीए और यूपीए दोनों की ही प्राथमिकता सूची के काफी निचले पायदान...
Read moreDetailsछात्रों के बाद अब स्त्रियां और आम अवाम की जुबान पर नारा है: ‘अत्याचार से आजादी’, साम्प्रदायिकता से आजादी’, ‘जोरो-जुल्म...
Read moreDetailsआदिवासी समाज vs विकसित समाज हिमांशु कुमार, प्रसिद्ध गांधीवादी कार्यकर्ता क्या मनुष्य मूल रूप से स्वार्थी और क्रूर है ?...
Read moreDetailsरामायण संविधान और मानव विरोधी ग्रंथ है. उसे जब्त कर असंवैधानिक और मानवद्रोही घोषित कर प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. संविधान...
Read moreDetailsइंटरमीडियट की पढ़ाई पूरी न कर पाने वाले तेजिंदर बग्गा 34 साल में पत्राचार से बीए कर रहे हैं. अभी...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह बात तो आपकी यकीनन सही है ! आर्थिक नीतियों का स्थान जहां धर्म, 'संस्कृति' और दिखावटी देशभक्ति ने...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.