प्रसिद्ध सांस्कृतिककर्मी अनिल ओझा अक्सर कहा करते थे, 'अगर कोई मुझसे दो मिनट बात करने का मौका देगा तो वह...
Read moreDetailsकार्ल मार्क्स दुनिया के सबसे मेधावी दार्शनिक थे, जिन्होंने दुनिया के इतिहास को दो भाग में बांट दिया. मार्क्स के...
Read moreDetailsब्रिक्स शिखर सम्मेलन रूस में : युद्ध उद्योग का विस्तार और चुनौतियां रूस का कजान शहर इस समय सर्वोच्च सुरक्षा...
Read moreDetailsपर्वत के उस पार - बैक्ट्रिया इतना लिखता रहता हूं हिस्ट्री पर, जाने क्यों ये गजब इतिहास छूट गया. पर...
Read moreDetailsयादों के झुरमुट में मुक्तिबोध कनक तिवारी मुक्तिबोध को सबसे पहले 1958 में साइंस काॅलेज रायपुर के प्रथम वर्ष के...
Read moreDetailsसंघी फिर से अपने द्विराष्ट्र सिद्धांत को आगे बढ़ा रहे हैं सुब्रतो चटर्जी मुसलमानों को दोयम दर्जे के नागरिक बना...
Read moreDetailsलोकतंत्र, बाड़ ही खेत को खाने लगी कनक तिवारी कभी-कभी लगता है संविधान सभा में जवाहरलाल नेहरू ने उद्देशिका वाले...
Read moreDetailsआदिवासियों की समतावादी जीवन शैली और परंपरा में निकृष्ट ब्राह्मणवाद का घुसपैठ आदिवासी समाज और संस्कृति के प्रति हमारे तथाकथित...
Read moreDetails16 अक्टूबर को सुरजीत भवन, नई दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की आम सभा मीटिंग में बोलते हुए जोगिन्दर सिंह...
Read moreDetailsकनाडा प्रकरण : मोदी-शाह ने पूरे भारत को माफ़िया बना कर रख दिया है नरेंद्र मोदी ने वो कर दिखाया...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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