गेस्ट ब्लॉग

Featured posts

‘अक्साई चिन कभी भी भारत का हिस्सा नहीं था’ – ब्रिगेडियर. बी.एल. पूनिया (सेवानिवृत्त)

'अक्साई चिन कभी भी भारत का हिस्सा नहीं था' - ब्रिगेडियर. बी.एल. पूनिया (सेवानिवृत्त) ब्रिगेडियर. बी.एल. पूनिया (सेवानिवृत्त) 22 अक्टूबर...

Read moreDetails

‘माओवाद, वर्तमान समय का मार्क्सवाद-लेनिनवाद है’, माओ त्से-तुंग की 130वीं जयंती के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय माओवादी पार्टियों का संयुक्त घोषणा

'माओवाद, वर्तमान समय का मार्क्सवाद-लेनिनवाद है', माओ त्से-तुंग की 130वीं जयंती के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय माओवादी पार्टियों का संयुक्त घोषणा...

Read moreDetails

1917 की महान अक्टूबर क्रांति पर : संयासवाद नहीं है मार्क्सवाद

जगदीश्वर चतुर्वेदी भारत में एक तबका है, जिसका मानना है कि कम्युनिस्टों को दुनिया की किसी चीज की जरूरत नहीं...

Read moreDetails

अन्तर्राष्ट्रीय उर्दू दिवस : नफरतों के दौर में मुहब्बत की जुबां

अन्तर्राष्ट्रीय उर्दू दिवस : नफरतों के दौर में मुहब्बत की जुबां भारत की दुनिया को जो देन हैं, उनमें से...

Read moreDetails

माओ त्से-तुंग : जनता की लोकतांत्रिक तानाशाही पर, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अट्ठाईसवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में

माओ त्से-तुंग : जनता की लोकतांत्रिक तानाशाही पर, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अट्ठाईसवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 1 जुलाई...

Read moreDetails

चीन में माओ त्से-तुङ ने वेश्यावृति और यौन रोगों का ख़ात्मा कैसे किया ?

चीन में माओ त्से-तुङ ने वेश्यावृति और यौन रोगों का ख़ात्मा कैसे किया ? 1 अक्टूबर 1949 को चीन के...

Read moreDetails

BRICS सम्मेलन : कजान से क़रीब दिखने लगा है डी-डॉलराइजेशन

BRICS सम्मेलन : कजान से क़रीब दिखने लगा है डी-डॉलराइजेशन चंद्रभूषण रूसी शहर कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को...

Read moreDetails

..इस हश्र की शुरुआत तभी हो चुकी थी जब कोई चिल्लाया था ‘…अब कोई बात नहीं होगी !!’

बंगले में कुछ धडधडाती बूटों की आवाज आई. गोलियां चली. दरवाजा बजने लगा. पीएम ने खोला, तो कुछ युवा फौजी...

Read moreDetails
Page 28 of 348 1 27 28 29 348