‘अब तक जो भी दोस्त मिले बेवफा मिले’ पार्टियों और सरकारों के प्रति किसानों का यही नजरिया है. देश के...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता आप हिंसा का समर्थन करते हैं. हिंसा फैलाने वाली सरकारों को वोट और टैक्स देते हैं....
Read moreDetailsपुण्य प्रसून वाजपेयी नरेन्द्र मोदी का 2 फरवरी, 2014 का भाषण और 28 मार्च, 2019 का भाषण जरुर सुनना चाहिये...
Read moreDetailsएक अपराधकर्मी के हाथों में देश की सत्ता आ जाये तो क्या परिणाम हो सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण है...
Read moreDetailsभारत में जाति के सवाल पर सबसे गंभीर, सटीक और भरोसेमंद विश्लेषण और उसका समाधान दो संस्थाओं ने देशवासियों के...
Read moreDetailsकन्हैया कुमार के जरिये सामाजिक न्याय की कलई खुलेगी, ऐसा सोचा नहीं था. सबको लगा था कि बेगूसराय की सीट...
Read moreDetailsअपने इस लेख में मास्टरस्ट्रोक कार्यक्रम के एंकर रहे पुण्य प्रसून बाजपेयी उन घटनाक्रमों के बारे में विस्तार से बता...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार वाला’ जो नया अभियान चलाया है, उसे न तो मजाक समझा जाना चाहिए...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता आदिवासियों को मुख्यधारा में लाना चाहिये. मुसलमानों को मुख्यधारा में लाना चाहिये. दलितों को मुख्यधारा में...
Read moreDetailsरविश कुमार अगर आप मतदाता हैं तो आपको किसी के भी स्लोगन से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है. आपको...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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