डीयर सरदाना, अंजना, अवस्थी व अर्नब, कुछ संघी गुंडे पुलिस संरक्षण के साथ जैसा कि सामने आए वीडियो में साफ-साफ...
Read moreDetailsतपते हुए रेगजारों से हमने, रास्ते निकाले हैंं, राह के हिमालय तक हमने तोड़ डाले हैं देखना है साथियों जीत किसकी...
Read moreDetailsविदित है कि 1917 के 7 नवम्बर, महान रूसी क्रांति का विजय दिवस था. वह रूस तथा दुनिया के मजदूर-किसान...
Read moreDetailsगढ़चिरौली मुठभेड़ पर उठते सवालों के बीच खबर आ रही है कि पुलिस ने जिन लोगों को माओवादी बताकर मार...
Read moreDetailsनस्लीयराष्ट्रवाद की धमक इतनी तेज है कि देश के संविधान की मेज और न्यायालय की कुर्सियां भी कंपकंपाने लगी है....
Read moreDetailsआज जो नक्सली हैं वो एक दिन मर जायेंगे. आज जो पुलिस हैं वो भी मर जायेंगे. आज जो अमीर...
Read moreDetailsगढ़चिरौली में पुलिस ने चालीस आदिवासियों को मार दिया. उनके पास से पुलिस ने आठ बंदूकें बरामद होने का दावा...
Read moreDetailsआज से करीब 132 वर्ष पहले 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर के मजदूरों ने इंसान की तरह जीने के...
Read moreDetailsबिना इतिहास को समझे और बहुत गहराई में गए, वर्तमान में ही रुकें, तो क्या आपको नहीं लगता कि जाति की समस्या हमारे समाज...
Read moreDetailsगढ़चिरौली एन्काउंटर: माओवादियों के नाम पर आम आदिवासियों की हत्या पर पुलिस का जश्न छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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