Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

हिंसा पर एक वैज्ञानिक नजरिया

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 2, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

आज जो नक्सली हैं वो एक दिन मर जायेंगे. आज जो पुलिस हैं वो भी मर जायेंगे. आज जो अमीर हैं वो भी मर जायेंगे. आज जो गरीब हैं वो भी मर जायेंगे. फिर से नए बच्चे जन्म लेंगे. उनमें से फिर कुछ बच्चे जन्म से ही गरीब होंगे. उनमें से कुछ बच्चे जन्म से ही अमीर होंगे. उनमें से कुछ बच्चे नक्सली बनेंगे. कुछ बच्चे पुलिस बनेंगे और ये हिंसा इसी तरह चलती रहेगी क्या आप इस हिंसा को समाप्त करना चाहते हैं ?

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

तो क्या आपने एक वैज्ञानिक की तरह इन हिंसा के कारणों की खोज करने की कोशिश की है ? क्योंकि अगर आप हिंसा के कारणों को हीं नहीं जानते तो उसका इलाज कैसे जानेंगे ?

हो सकता है हिंसा के कारणों के विश्लेषण के परिणाम आपकी पसंद के ना हों लेकिन वैज्ञानिक तो ये नहीं सोचता कि मैं अपनी शोध के किसी निष्कर्ष को तब स्वीकार करूंगा जब वो मेरी पसंद का होगा. इसी तरह सच खोजते समय आपकी पसंद और नापसंद का कोई महत्व ही नहीं है, जैसे अगर आप बड़ी जात के हैं, पैसे वाले हैं और शहर में रहते हैं तो आप पुलिस के पक्ष में ही बात सुनना चाहते हैं लेकिन अगर आपका जन्म बस्तर के एक गांंव में हुआ है और आपका घर पुलिस द्वारा जला दिया गया है, आपकी बहन से पुलिस द्वारा बलात्कार किया गया है, आपके भाई को पुलिस ने मार दिया है तो आप पुलिस के खिलाफ ही सोचने को मजबूर होंगे.

आपका जन्म हिंदू के घर में होगा तो आप हिन्दु धर्म को सबसे अच्छा मानेंगे. आपका जन्म मुसलमान के घर में होगा तो आप इस्लाम को सबसे अच्छा मानेंगे. ध्यान से देखिये हमारी सोच हमारी परिस्थिति में से निकल रही है इसलिए आप भी अब ध्यान दीजिए कि कहीं आप की भी सोच पर तो आपकी जाति, सम्प्रदाय और आर्थिक वर्ग का प्रभाव तो नहीं है ?

क्योंकि इन सबसे आजाद होकर एक वैज्ञानिक की तरह सोचना ही आपको सच्चा चिंतक और विश्लेषक बना सकता है सच को भी आप तभी समझ सकेंगे इसलिए अगर आप को हिंसा की समस्या का समाधान करना है तो अपनी जाति, सम्प्रदाय और आर्थिक वर्ग के खोल से बाहर आकर सोचना शुरू कीजिये.

हिंसा की समस्या की सच्ची समझ ही हमें सच्चे समाधान तक पहुंचा सकती है. नेताओं के पिछलग्गू मत बनिए. उनके विश्लेषण स्वीकार मत कीजिये. अपनी बुद्धि का इस्तेमाल कीजिये. जागरूक नागरिक बनिए. समाज को हिंसा मुक्त बनाइये. आने वाली पीढ़ियों को एक अच्छी दुनिया देकर जाईए.

– हिमांशु कुमार की वाल से साभार

Read Also –

गढ़चिरौली एन्काउंटर: आदिवासियों के नरसंहार पर पुलिसिया जश्न
माओवादियों को खत्म करने के नाम पर आदिवासियों को भूख से मारने की तैयारी में झारखण्ड की भाजपा सरकार
दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ सुनियोजित साजिश कर रही है भाजपा

Previous Post

सरकारी पुलिसिया हमले का विकल्प ‘आजाद गांव’

Next Post

नस्लीयराष्ट्रवाद : बहुदलीय संविधानवाद से एकदलीय सर्व-सत्तावाद की ओर

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

नस्लीयराष्ट्रवाद : बहुदलीय संविधानवाद से एकदलीय सर्व-सत्तावाद की ओर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

अब सुप्रीम कोर्ट भी मांगे आजादी !

August 6, 2021

ईवीएम का विरोध देश की जनता के जनादेश का अनादर है ?

March 20, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.