कुछ अनकही-कुछ अनबूझी : मिथिला चित्रकला संदर्भ में मेरा गांव, मेरे लोग (प्रतिकात्मक तस्वीर, इंटरनेट से) कैलाश चंद्र झा, रॉटी,...
Read moreDetailsबंगलादेश की जनता को क्यों जनान्दोलन और विद्रोह का रास्ता अख्तियार करना पड़ा ? सिद्धार्थ रामू मेरी नजर में बांग्लादेश...
Read moreDetailsउसे सब चाहिए, सब यानी सब... विष्णु नागर उसे सब चाहिए. उसे सब चाहिए. सब यानी सब. जो दुनिया में...
Read moreDetailsबंगलादेश : बेरोज़गार युवाओं की लड़ाई व्यर्थ चली गई सुब्रतो चटर्जी बिना किसी आर्थिक हितों के भयंकर टकराव के किसी...
Read moreDetailsसोशल मीडिया पर एक निरर्थक सी बात शुरू हुई प्रेमचंद की अमीरी-गरीबी को लेकर और फिर जल्दी ही 'दलित-विरोधी' और...
Read moreDetailsशेख हसीना : बेटी ने अपना काम पूरा किया है... बेटी ने अपना काम पूरा किया है...शेख हसीना 76 बरस...
Read moreDetailsबांग्लादेश के रूप में भारत ने कल एक अच्छा दोस्त खो दिया सौमित्र राय बांग्लादेश के रूप में भारत ने...
Read moreDetailsपुण्य प्रसून वाजपेयी लडाई तो बहुत छोटी थी, लेकिन उसका परिणाम कुछ ऐसा होगा ये बंगला देश में कभी किसी...
Read moreDetailsअन्तर्राष्ट्रीय फ्रेंडशिप-डे दुनिया के सबसे बड़े दोस्त क्रांतिकारी फ्रेडरिक एंगेल्स की याद में हर साल मनाया जाता है. मार्क्सवाद, सर्वहारा...
Read moreDetailsअंधविश्वास – मुंशी प्रेमचंद हिन्दू-समाज में पुजने के लिए केवल लंगोट बांध लेने और देह में राख मल लेने की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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