एक रेड लाईट एरिया मे क्या खूब बात लिखी पाई गई - 'यहां सिर्फ जिस्म बिकता है, ईमान खरीदना हो...
Read moreDetailsकुछ औरतों ने अपनी इच्छा से कूदकर जान दी थी ऐसा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है और कुछ औरतें...
Read moreDetailsसमुद्र से आगे एक दुनिया है उस दुनिया में अनगिनत कहानियां हैं उन कहानियों में मेरी भी एक कहानी है....
Read moreDetailsकाट दो उन सबों के नाम ! उन सबों को भारत के नागरिकों की लिस्ट से नाम काट दो जो...
Read moreDetailsकैसा अजीब ख़ौफ़नाक मौसम है कि बेहद सादगी से अगर कोई सीधा-सादा इंसान कोई सीधी-सच्ची बात कह दे तो लोग...
Read moreDetailsगुर्गे यह साहित्य है या साहित्य का अपराधिक बाजार है कोई कहता है कि डाकू बाल्मिकी ने पोथी रामायण लिखा...
Read moreDetailsबचपन में, बच्चों से बच्चा था मैं औरत क्या है, तब नहीं जानता था मैं उनसे मार-पीट करता था बराबर,...
Read moreDetailsराजा का ऐलान था... राजा का ऐलान था हमें राष्ट्र को शक्तिशाली बनाना है. इसलिए हर एक को, हर एक...
Read moreDetailsइस जन्म में मुझे हिन्दू होना है न मुसलमान होना है न पिछड़ा होना है न अगड़ा होना है सिर्फ...
Read moreDetailsTwo poems of revolutionary poet Vinod Shankar विनोद शंकर सिलगेर सत्ता की आंखों में आंखें डाल कर खड़ा है सिलगेर...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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