मेरा साया मेरे सपने मेरी सोच मेरे तन मन के हिस्से हैं मेरा वायवीय विस्तार पहले वे मेरी झोपड़ी पर...
Read moreDetailsमैं पाकिस्तान में सताया गया हिंदू हूं मैं हिंदुस्तान में दबाया गया मुस्लिम हूं मैं इज़रायल का मारा फ़िलिस्तीनी हूं...
Read moreDetailsभुखमरी बेरोजगारी हत्याएं बलात्कार मंदी भ्रष्टाचार अशिक्षा कुपोषण बीमारी हमारा आंतरिक मामला है हमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं...
Read moreDetailsउतरे हुए चेहरों तुम्हें आज़ादी मुबारक उजड़े हुए लोगों तुम्हें आज़ादी मुबारक सहमी हुई गलियों कोई मेला कोई नारा जकड़े...
Read moreDetailsक्या आप सोचते हो ? क्या आप सोच को लिख सकते हो ? यदि हांं तो लिखो जो आप सोचते...
Read moreDetailsराष्ट्रवाद का यह कौन-सा नुस्खा है, जो हर वह काम करता है, जिससे राष्ट्र टूटता है, छीजता है, और बिखरने...
Read moreDetailsऐ शोषक ! तुम्हारे लिए आसान होगा हमे कैद कर देना पर हमें इससे डर नही लगता बल्कि आती है...
Read moreDetailsतुम विगत इतने सालों में जो नहीं कर सके तुम्हारा क्लोन चंद सालों में कर दे रहा है (अच्छा हुआ...
Read moreDetailsजब तुम गहरी नींद में थे वे कहीं चले गए हरेक जाने वाला बुद्ध नहीं बनता कुछ अनिच्छा से जाते...
Read moreDetailsतेलुगु कवि वरवर राव की कैद पर आयरिश कवि गैब्रिएल रोसेनस्तोक का 'भारत के नाम पर पत्र.' भारत ! क्या...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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