मुझे चक्रवर्ती बनना है... 1. समर्पण चक्कर में पड़ा मैं अपने तलवों में चक्र तलाश रहा हूं असल में मुझे...
Read moreDetailsशहर के हाशिए पर गणित का जोड़ घटाव, गुणा, भाग, प्रतिशत, औसत के रबड़ से मिटाया हुआ हिसाब एक धब्बा...
Read moreDetailsफिर समाज में कोई अन्ना करेनिना बनने की कोशिश न करे इसी दृढ़ निश्चय के साथ टॉलस्टॉय लिखने बैठे. तीस...
Read moreDetailsअच्छा लगता है मुझे तुम्हारी आंखों में डर देखना अच्छा लगता है मैं जब देखता हूं कि तुम एक बाईस...
Read moreDetailsस्वचालित मशीनें अब नियंत्रित कर रहीं हैं पुराने सुअर बाड़े को वराह श्रेष्ठ की छाया में नारद के सुस्ताने का...
Read moreDetailsदोष उनका नहीं नितांत अपना है मावस को कभी पूनम होने नहीं दिया खुले आसमान तले रहा तो रहा कार्डबोर्ड...
Read moreDetails1. कोशिश घर से दूर एक घर बसाने की कोशिश है और बंदूक़ के निशाने पर मेरी रोटी भी है...
Read moreDetailsहमारी सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हम से बेहतर कोई हुआ नहीं हम से बेहतर इस धरती पर कोई...
Read moreDetailsअल्पमत बहुत से लोग दाएं हाथ से लिखते हैं लेकिन कुछ लोग बाएं हाथ से भी लिखते हैं.. दाएं हाथ...
Read moreDetailsलग रहा है : यहां कोई आने वाला है, लेकिन कोई नहीं आता. मेरे भविष्य की राह खोलने के लिए...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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