Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

जेल प्रशासन और सरकार ने ली वयोवृद्ध माओवादी नेता की जान

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 5, 2022
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

प्रसिद्ध वयोवद्ध प्रतिबन्धित संगठन सीपीआई-माओवादी के नेता शिवशंकर रजक उर्फ त्यागी जी उर्फ शिवाजी उर्फ बाबा का कल रात पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई. वे डायबीटिज, किडनी, मोतियाबिन्द समेत कई गंभीर रोगों से ग्रसित थे. विगत चार वर्षों से वे विभिन्न कांडों के सिलसिले में जेल में बंद थे. कई केस में जमानत मिल गई थी और कुछ में सुनवाई चल रही थी.

विदित हो कि पूर्व में जब वे जहानाबाद जेल में बंद थे तब माओवादियों ने जेल ब्रेक कर उन्हें छुड़ा लिया था. उनके दामाद उदय रजक ने बताया कि वे कई गंभीर रोगों से ग्रसित थे, जिसका जेल प्रशासन की ओर से कभी समुचित इलाज नहीं किया गया. जेल प्रशासन और सरकार की मिलीभगत ने उनकी जान ले ली. उन्होंने मानवाधिकार आयोग से इस मामले का संज्ञान लेने तथा जेल प्रशासन पर मानवाधिकार उल्लंघन की जांच की मांग की है.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

इससे पहले भी प्रतिबन्धित संगठन सीपीआई-माओवादी के केन्द्रीय कमिटी के नेता किसान दा, उनकी पत्नी समेत कई अन्य लोगों को पुलिस ने तब पकड़कर जेल में डाल दिया जब वे इलाज कराने के लिए जा रहे हैं. प्रतिबन्धित उग्रवादी संगठन सीपीआई-माओवादी ने पर्चे जारी कर बार-बार उनके इलाज के लिए सरकार से मांग किया, लेकिन सरकार के कान पल जूं तक नहीं रेंग रही है.

इसी तरह 84 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी जिनकी जबान लड़खड़ाती थी, कांपते हाथों से सही से खाना-पानी तक नहीं पी पाते थे, प्रतिक्रियावादी संघी दलाल कुत्ते जजों ने उनको पानी पीने तक के लिए एक स्ट्रॉ तक नहीं दिया, फलतः जेल में तड़प-तड़प कर फादर स्टेन स्वामी मौत को गले लगा लिये.

कहना न होगा मानवताशून्य न्याय के ये कठपुतले जजों की संवेदना तभी जागती है जब हत्यारों और बलात्कारियों का मामला हो. जब अर्नब गोस्वामी जैसे संघी दलाल का मामला हो, बांकी तो एक जज ने कह ही दिया है कि हत्यारा और बलात्कारी ही देश का भविष्य है. संवेदनशून्य राजसत्ता की नीचता देखिये जिन पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को वह जेलों डालकर मौत के घाट उतारने को तत्पर रहती है, उन्हें ही बाद में देश का शान भी बताती है.

कल ही प्रतिबन्धित संगठन सीपीआई-माओवादी के सदस्य जी. एन. साईबाबा की किताब का लोकार्पण ब्रिटेन के बुकर पुरस्कार से पुरस्कृत इंडियन इंग्लिश राइटर अरुंधति राय ने दिल्ली के लुटियंस जोन के रायसीना रोड स्थित जवाहर भवन में किया. साईबाबा नागपुर की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. उन्हें अदालत ने यूएपीए के तहत दोषी पाया था.

यूएपीए के तहत सजा काट रहे ‘उग्रवादी’ की किताब के विमोचन की खबर देश की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने चलायी और साईबाबा के परिचय में लिखा – जेल में बन्द मानवाधिकार कार्यकर्ता ! कॉपी के अन्त में बताया गया कि भाईसाहब यूएपीए के सजायाफ्ता हैं. साईबाबा दिल्ली यूनिवर्सिटी में इंग्लिश का प्रोफेसर रहे हैं. उनकी किताब सम्मानित प्रकाशक स्पीकिंग टाइगर ने छापी है.

इससे पहले एक अन्य माओवादी विचारक माने जाने वाले कोबाद गांधी की किताब रोली बुक्स ने छापी थी. कोबाद गांधी ने किताब आने के बाद जितने इंटरव्यू दिए उन सबमें उसने जोर दिया कि उसे भारत की पांच अदालतों ने माओवादी पार्टी से किसी तरह का सम्बन्ध होने के आरोप से बरी किया है. हलांकि बाद में कोबाद गांधी को सीपीआई-माओवादी ने बकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पार्टी से निष्कासित कर दिया है.

दलित कैमरा डॉट काम के अनुसार साईबाबा साल 2009 में चले ऑपरेशन ग्रीनहंट के खिलाफ प्रमुख आवाज थे. यह अभियान माओवादियों के सफाए के लिए चलाया गया था. उस समय देश में कांग्रेस नीत गठबंधन की सरकार थी और गृहमंत्री पी. चिदम्बरम थे, जिनके मातहत यह अभियान चलाया गया. कल उसी जी. एन. साईबाबा की किताब का विमोचन कांग्रेस की मांद जवाहर भवन में हुआ.

इसी तरह लंबे समय तक जेल में बंद बरबरा राव को भी जेल में डालकर मौत के मूंह में पहुंचा दिया गया था और अभी भी हजारों की तादाद में देश के जानेमाने पत्रकार, वकील, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, संघर्ष करने और न्याय के लिए आवाज बुलंद करने वाले लोग जेलों में बंद हैं. तथाकथित न्यायालय और उसके जजों की आंखें फूट गई है. वह या तो मौत (जज लोया) के साये में जी रहे हैं, अथवा दलाली (गोगोई) कर रहे हैं. ऐसे डरे हुए दलालों से न्याय की कैसी उम्मीद !

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

जब पुरुष ने स्त्री को देखा

Next Post

कार्ल मार्क्स की कविता : जीवन लक्ष्य

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

कार्ल मार्क्स की कविता : जीवन लक्ष्य

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मर्यादा पुरुषोत्तम या संहारक राम ?

December 31, 2019

लॉकडाऊन 30 जून तक कंफर्म है ?

March 31, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.