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खतरे में धर्म की इंडस्ट्री : राहत पैकेज की मांग

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 27, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
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खतरे में धर्म की इंडस्ट्री : राहत पैकेज की मांग

मजदूरों, दुकानदार, व्यवसायियों और फैक्ट्री मालिक आदि का सरकार पूरा ख्याल रख रही है. इनके पुनर्वास तथा कारोबार को पटरी पर लाने के लिए राहत पैकेज की भी घोषणा की जा रही है लेकिन बेचारे संत, महात्मा तथा बाबाओं के प्रति सरकार पूरी तरह उपेक्षित है. जया किशोरी तथा मोरारी बापू जैसे लोगों को कोरोना काल में सैकड़ों करोड़ का घाटा हो चुका है, जब सारे आयोजन ही बन्द है तो धंधा कैसे होगा ?

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देश में कुल कितने बाबा और तथाकथित संत हैं, इनकी सही संख्या बताना तो बहुत कठिन है लेकिन करीब सौ ऐसे लोग हैं, जो भजन, कथा, नानी बाई को मायरो तथा समोसा व चटनी के माध्यम से प्रति वर्ष हजारों करोड़ रुपये तक कमा रहे हैं. गरीबों से इनका दूर-दूर तक कोई ताल्लुक नही है. अमीरों के समारोह में ये अक्सर मंडराते देखे जा सकते हैं.

कई बाबाओं ने तो वर-वधु को आशीर्वाद तक की फीस तक तय कर रखी है. अम्बानी टाइप के रईस से ये 50 लाख रुपये तक आशीर्वाद देने के वसूलते हैं. हवाई जहाज से आना, आलीशान होटल में ठहरना और काजू-बादाम का नाश्ता करना इनका शौक है. कई महीने पहले बुकिंग तय करनी पड़ती है, वरना संत कहीं और की भी उड़ान भर सकते हैं.

सबसे पहले बात कर लेते है समोसा किंग निर्मल (बाबा) की. स्वयंघोषित निर्मल को दिव्य दृष्टि से भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में सब कुछ पता लग जाता है. जिसकी कृपा अटकी रहती है, उसका समोसे से इलाज किया जाता है. समस्या गंभीर होने पर लाल या हरी चटनी के जरिये व्यक्ति को समस्या से मुक्ति दिलाई जाती है.

पहले कभी कफ़न बेचने वाले निर्मल के पास 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है. पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है, उसके बाद ही समागम स्थल में प्रवेश हो सकता है. रजिस्ट्रेशन की फीस 2 से 11 हजार रुपये है. फेक लोगों को खड़ा कर उनसे कहलवाया जाता है कि जब से बाबा के दरबार में आने लगा है, उसके कष्टों का निवारण होने लगा है. बिना इजाजत किसी को सवाल करने की इजाजत नहीं होती है.

आशाराम के कर्मकांडों से कौन व्यक्ति अनभिज्ञ होगा. दस हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक आशाराम और उसके पुत्र का काम नई-नई लड़कियों को जाल में फंसाकर उनके साथ बलात्कार तथा यौन शोषण करना रहा है. कई लड़कियों को गायब करने का भी आरोप है इस ढोंगी बाबा पर. इसकी लड़की बाप और भाई के लिए लड़कियांं फंसाने का धंधा करती थी. नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी सहित अनेक लोग आज भी इस बाबा को श्रद्धा की नजर से देखते हैं. फिलहाल यह जेल की हवा खा रहा है.

मोरारी (बापू) का किस्सा मैंने हाल ही में विस्तार से लिखा था. कथा वाचन के नाम पर 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का मालिक बन गया है. ऐरा गेरा तो इसे बुलाने के बारे में सोच भी नहीं सकता है. 2 से 5 लाख रुपये प्रतिदिन के कथा बांंचने का पैसा लेता बताया, वह भी दो नम्बर में. बताया जाता है कि मोरारी की अधिकांश काली कमाई मिराज जर्दे में निवेशित है, जो मौत के घाट उतारने का कारोबार करता है.

आज की सबसे तेजी से कमाई करने वाली लड़कियों में जया कुमारी का नाम सबसे ऊपर है. कथा बांंचने या नानी बाई को मायरो की फीस प्रतिदिन 8 लाख रुपये है. हेल्पलाइन नम्बर 9866476462, 8875992006, 9831755506 के माध्यम से बुकिंग कराई जा सकती है. 6 महीने आगे तक बुकिंग पहले से ही रहती है.

आवाज की धनी तथा बेहद खूबसूरत, लेकिन स्वभाव से बदमिजाज जया कुमारी को सुनने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. नवयुवक तो इस कथावाचक के बेहद दीवाने हैं. जब यह डांस करती है तो लड़के, लडकिया, महिलाएंं और पुरुष झूमने के लिए बाध्य हो जाते हैं. शेखावाटी की रहने वाली जया कुमारी आजकल कोलकाता में रहती है तथा यहीं इसका ऑफिस भी है.

उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान से जया कुमारी का व्यापारिक रिश्ता भी बताया जाता है. चर्चा है कि अपनी काली कमाई को सफेद करने में नारायण सेवा संस्थान की मदद ली जाती है. जया कुमारी के अलावा कई राजनेता भी अपने काले-सफेद धन की अदला-बदली के लिए इस संस्थान में आते रहते हैं. चुनाव के दौरान यह धंधा खूब होता है. आयकर विभाग जांच करता है तो स्वयंसेवियों की पोल खुलकर रह जायेगी. इसके अलावा बाबा राम रहीम, रामपाल सहित अनगिनत लोग बाबा का चोला ओढ़कर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं.

कोरोना की वजह से प्रतिदिन इन बाबाओं तथा इन पर आश्रित कारोबारियों का सारा धंधा चौपट हो रहा है. सरकार को चाहिए कि इन संतों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करें वरना धर्म की इंडस्ट्री पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

  • महेश झालानी

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