Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

क्या आपने व्हाट्सएप की नयी टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ा ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 9, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

क्या आपने व्हाट्सएप की नयी टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ा ?

गिरीश मालवीय

मंगलवार शाम से व्हाट्सएप ने भारतीय व्हाट्सएप यूजर्स को अपनी टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर अपडेट भेजना शुरू किया है. वॉट्सऐप ने यूजर्स को नई पॉलिसी को एक्सेप्ट करने के लिए 8 फरवरी, 2021 तक का समय दिया है. तब तक पॉलिसी को यूजर्स को एक्सेप्ट करना होगा वरना अकाउंट डिलीट करना होगा.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

दुनिया बहुत तेजी से बदली है. आज विश्व मे व्हाट्सएप के यूजर की संख्या 200 करोड़ को भी पार कर गयी है. यह सूचना क्रांति का युग है. यह ई कॉमर्स का युग है. रेडियो को जन जन तक पहुंचने में लगभग 50 बरस लगे थे, टीवी को लगभग 25 साल, इन्टरनेट को 15 साल और फेसबुक-व्हाट्सएप जैसी सोशल साइट्स/ एप्प कुछ ही सालो में दुनिया मे छा गयी है.

प्रश्न यह उठता है कि हम पर इसका क्या प्रभाव हो रहा है ? इसे हम ठीक से समझ भी पा रहे हैं. आज कोई भी एप्प हम इंस्टाल करते हैं और उसकी टर्म ओर कंडीशन को बिना ठीक से पढ़े एक्सेप्ट कर लेते हैं. चूंकि व्हाट्सएप अब अधिकांश भारतीय लोगो के जीवन का एक हिस्सा हो गया है तो एक बार जरा इन सब बातों पर ठिठक कर विचार करने की जरूरत है.

वॉट्सएप अब आपके स्टेटस पढ़ने जा रहा है. वॉट्सएप आपकी लोकेशन भी एक्सेस करेगा. अब अगर आप फोटो, वीडियो फॉरवर्ड करते हैं, तो वे वॉट्सएप के सर्वर पर अधिक समय तक स्टोर रहेंगे. एन्ड टू एन्ड इन्क्रिप्शन वाली बात अब खत्म ही समझिए.

वॉट्सएप ने कहा है कि वह ऐसा आपको फॉरवर्ड करने में मदद के लिए कर रहा है, लेकिन इसका मतलब है कि उसके पास जानकारी होगी कि फलां फोटो बहुत फॉरवर्ड हो रहा है. ऐसा वह फेक न्यूज को ट्रैक करने के लिए कर रहा है, पर असलियत में यह बात इतनी सरल नही है. वॉट्सएप अब बिजनेस अकाउंट पर भी नजर रखेगा. इनसे शेयर होने वाले सारे कैटलॉग का एक्सेस उसके पास होगा.

वॉट्सएप ने पहली बार कहा है कि वह आपके हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का डेटा लेगा. यानी बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान आदि ट्रैक होगी. यही नहीं, फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जान जाएंगे. ध्यान दीजिए कि कुछ ही महीनों में खुद की पेमेंट सर्विस शुरू कर रहा है.
दरअसल व्हाट्सएप का अधिपत्य अब फ़ेसबुक के पास ही है. फ़ेसबुक ने व्हाट्सऐप को 2014 में 19 अरब डॉलर में खरीद लिया था. अक्टूबर 2020 में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि कंपनी मैसेंजर चैट, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को मर्ज करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है ताकि वे एक तरीके से जुड़े इंटरऑपरेबल सिस्टम की तरह काम करना शुरू कर सकें.

यह नीति एक तरह की आर्टिफिशियल इंटलीजेंस को सपोर्ट करने को लायी जा रही है. वॉट्सऐप की पुरानी प्राइवेसी पॉलिसी में आपके पास ये आजादी थी कि अपने वॉट्सऐप अकाउंट की जानकारी को फ़ेसबुक के साथ साझा होने से रोक सकते थे, लेकिन नई पॉलिसी में इस बात की गुंजाइश खत्म हो गई है. आप कहेंगे कि इनसे हमको क्या फर्क पड़ेगा ?

जैसा कि मैने ऊपर लिखा है इक्कीसवीं शताब्दी की शुरुआत सूचना क्रांति से हुई है और यह ई कॉमर्स का युग है. ‘आज जो सूचनाओ और डेटा को नियंत्रण में रख रहा हैं, वही दुनिया के व्यापार और व्यवहार को नियंत्रित करेगा.’ यही इस वर्तमान ई-कॉमर्स जगत का आधारभूत सिध्दांत है.

हमने अब तक बीसवी शताब्दी की शुरुआत में केपेटेलिज्म को देखा है. शताब्दी के अंत तक आते-आते वह क्रोनी कैपटलिज्म परिवर्तित हो गया लेकिन यह शताब्दी एक नए तरह के पूंजीवाद को देख रही है, जिसे सर्विलांस कैपिटलिज़्म कहा जा रहा है.

यह भयावह पूंजीवाद निगरानी हमारे चारों तरफ व्याप्त है. इसकी भयानकता को समझने में बड़े-बड़े बुद्धिजीवी भी चूक कर रहे हैं. हम आर्टिफिशियल इंटलीजेंस की दुनिया मे प्रवेश कर चुके हैं और जब बिग डेटा के सहारे AI यानी आर्टिफिशियल इंटलीजेंस सूचनाओं के अंबार में से पैटर्न तलाशता है तो कई अचंभित करने वाली बातें सामने आती हैं.

2012 में एक अमेरिकी कस्टमर को एक बड़े अमेरिकी रिटेल विक्रेता द्वारा भेजे गए संदेश ने एक बड़े विवाद को जन्म दिया. दरअसल AI की सहायता से उस बड़े विक्रेता ने एक कस्टमर को होने वाले बच्चे के जन्म का बधाई संदेश भेज दिया था. बिग डेटा की सहायता से साइट ने ऑनलाइन सर्च और खरीदारी रुझान के आधार पर बच्चे के जन्म का अंदाजा लगाकर संदेश भेजा था, जबकि वह कस्टमर 12 साल की एक नाबालिग लड़की थी और उसके मां-बाप को गर्भावस्था के बारे में कोई खबर नहीं थी. यानी अब कुछ भी सम्भव है व्हाट्सएप द्वारा आपको यूजर पॉलिसी का टर्म्स एन्ड एग्रीमेंट पर एक्सेप्ट करने को कहना एक चेतावनी ही है. आप चाहे तो इसको नजरअंदाज भी कर सकते हैं.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

तय करो किस ओर हो तुम ?

Next Post

भारतीय शिक्षा जगत का स्वायत्त कॉलेज यानी आत्मघात के रास्ते

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

भारतीय शिक्षा जगत का स्वायत्त कॉलेज यानी आत्मघात के रास्ते

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

कहीं खोरी गांव ही तो भविष्य नहीं है देशवासियों का ?

July 15, 2021

राजनैतिक नियोग : बचे 77 दिन में विकास पैदा हो जाये तो आश्चर्य मत कीजियेगा !

January 20, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.