अपनी ही बेटी के कब्र पर बेटों का महल सजाती मां !
इस पुरूषसत्तात्मक व्यवस्था में "मां ". आखिर किसकी मां ? मां, संसार का सबसे प्रिय शब्दों की उपमा भी शायद...
Read moreDetailsइस पुरूषसत्तात्मक व्यवस्था में "मां ". आखिर किसकी मां ? मां, संसार का सबसे प्रिय शब्दों की उपमा भी शायद...
Read moreDetailsमोदी नीतिकारों को धक्का तो लगेगा लेकिन विश्व भर में मीडिया इस शुक्रवार को जर्मनी में जी-20 शिखर सम्मेलन में...
Read moreDetailsभारत जैसे विशाल बाजार को अन्तर्राष्ट्रीय बजार के सामने खुला छोड़ने और विदेशी निवेशकों को लाल कालीन बिछा कर देश...
Read moreDetailsकहा जाता है झूठ के पांव नहीं होते और सच के पंख नहीं होते. कुछ ऐसी ही हालत वर्तमान में...
Read moreDetailsविश्व के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री पद पर विराजमान कोई शख्स देश की समस्याओं को लेकर खुलेआम अपने घड़ियाली...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.