उत्पीड़ित जातियों का उत्पीड़ित वर्ग ही क्रान्तिकारी आंदोलन का झंडा थाम सकता है
उत्पीड़ित जातियों का उत्पीड़ित वर्ग ही क्रान्तिकारी आंदोलन का झंडा थाम सकता है रामकवीन्द्र सिंह जातिवार गणना के प्रश्न पर...
Read moreDetailsउत्पीड़ित जातियों का उत्पीड़ित वर्ग ही क्रान्तिकारी आंदोलन का झंडा थाम सकता है रामकवीन्द्र सिंह जातिवार गणना के प्रश्न पर...
Read moreDetails14 अगस्त को बंटवारा नहीं, एकीकरण हो रहा था 14 अगस्त, 1947 बंटवारे का दिन है...आम सोच है कि हिंदू...
Read moreDetailsपहाड़ियों के खुले हुए जबड़ों के अंदर तुम बना रही हो मेरे लिए एक अदद रोटी और आटे में जोरन...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री मोदी आज 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं. भारत में पहली बार विभाजन को किसी प्रधानमंत्री ने इस...
Read moreDetails'घर-घर तिरंगा उखाड़ो' वाले 'घर-घर तिरंगा लगाओ' कह रहे कनक तिवारी 'घर-घर तिरंगा उखाड़ो' वाले 'घर-घर तिरंगा लगाओ' कह रहे...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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