दुर्भिक्ष
नदियों की लपलपाती जीभ सूखे चट्टानों के तालु में सट गई है आग ढोती हवाओं में मनुष्य की घृणा का...
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Read moreDetailsन्यूनतम समर्थन मूल्य का राजनीतिक अर्थशास्त्र अर्जुन प्रसाद सिंह भारत जैसे ‘लोकतान्त्रिक’ एवं ‘कल्याणकारी’ राज्य व्यवस्था में, देश के सबसे...
Read moreDetailsइलेक्टोरल बॉण्ड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसके पक्ष में है ? देश की जनता के बीच बुरी तरह बदनाम...
Read moreDetails'कम्युनिस्ट घोषणापत्र' के नीचे गोलबंद होकर लड़ रही है दुनिया की मेहनतकश जनता 'कम्युनिस्ट घोषणापत्र' दुनिया के इतिहास में एक...
Read moreDetailsऔर इस तरह धीरे धीरे उन्होंने धकेल दिया मुझे हाशिये पर फुटपाथ की ज़िंदगी पर छपे रिसालों में छपी हुई...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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