‘कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ के नीचे गोलबंद होकर लड़ रही है दुनिया की मेहनतकश जनता
'कम्युनिस्ट घोषणापत्र' के नीचे गोलबंद होकर लड़ रही है दुनिया की मेहनतकश जनता 'कम्युनिस्ट घोषणापत्र' दुनिया के इतिहास में एक...
Read moreDetails'कम्युनिस्ट घोषणापत्र' के नीचे गोलबंद होकर लड़ रही है दुनिया की मेहनतकश जनता 'कम्युनिस्ट घोषणापत्र' दुनिया के इतिहास में एक...
Read moreDetailsऔर इस तरह धीरे धीरे उन्होंने धकेल दिया मुझे हाशिये पर फुटपाथ की ज़िंदगी पर छपे रिसालों में छपी हुई...
Read moreDetailsसंयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर 14 मार्च को विशाल, शांतिपूर्ण किसान मजदूर महापंचायत का आगाज है. आज एसकेएम...
Read moreDetailsपृथ्वी के एक निर्जन एकांत में अंजुरी भर जल था और जल में उतरता दिन शेष की माया थी यहां...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार क्या आप जानते हैं राष्ट्रीय गौरव, राष्ट्र पर गर्व, सेना पर गर्व वगैरा फालतू और वाहियात बातें हैं....
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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